भारत की ओर बढ़ा चक्रवात दितवाह, तमिलनाडु से आंध्र प्रदेश तक रेड अलर्ट
Cyclone Ditwaha moves towards India: चक्रवाती तूफान 'दितवाह' (Cyclone Ditwah) दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, अब भारतीय तटों के बेहद करीब पहुंच गया है। श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद, भारत के दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी है। पुडुचेरी में स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। श्रीलंका में तूफान के कारण 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इसे वहां लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी : भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात 'दितवाह' 29 नवंबर को श्रीलंका से लगभग 80 किलोमीटर पूर्व और चेन्नई से 380 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित था। अगले 72 घंटों में तटीय तमिलनाडु 29-30 नवंबर को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव हो सकता है। आंध्र प्रदेश (तटीय रायलसीमा, यनम) 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। 1 दिसंबर को तेलंगाना में भी असर हो सकता है। केरल और माहे अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश और तूफान की आशंका है।
भारत में दस्तक देने से पहले, चक्रवाती तूफान 'दितवाह' ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है, जहां आकस्मिक बाढ़ और मिट्टी के धंसने के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 123 हो गई है। अभी भी वहां 130 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। तूफान केचलते करीब 44,000 लोग बेघर हो गए हैं और अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं।
उत्तर भारत में कम हुआ तापमान : एक तरफ दक्षिण भारत चक्रवात से जूझ रहा है, वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड का असर तेज हो गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज किया गया है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान 6 डिग्री से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है।
समुद्र में आ सकता है ऊफान : चक्रवात के कारण समुद्र में 0.2 से 0.5 मीटर तक का ऊंचा समुद्री ऊफान उठ सकता है, जिससे चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर जैसे निचले तटीय इलाकों में पानी भर सकता है। एनडीआरएफ (NDRF): राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। IMD ने कच्चे मकानों, बिजली और संचार लाइनों, तथा केला, पपीता और धान जैसी खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala