पिता सेना से रिटायर्ड, भाई कारगिल में शहीद, ऐसी है कोझिकोड़ हादसे में मारे गए कैप्टन साठे की कहानी
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हाल ही में कोझिकोड के विमान हादसे में एयर इंडिया एक्सप्रे के पायलट कैप्टन दीपक वसंत साठे और को-पायलट अखिलेश कुमार का भी दुखद निधन हो गया। कैप्टन साठे अकेले ही नहीं, उनके पिता और भाई भी देश की सेवा कर चुके हैं।
आइए जानते हैं कैप्टन साठे के पायलट करियर और उनके परिवार के बारे में।
दरअसल, कैप्टन दीपक वसंत साठे देश के बहुत काबिल पायलटों में माने जाते हैं। एयर इंडिया के पैसेंजर्स फ्लाइट उड़ाने से पहले कैप्टन साठे करीब 22 साल तक एयरफोर्स में अपनी सेवाएं विंग कमांडर के रूप में दे चुके हैं।
इस दौरान उन्होंने मिग-21 जैसे लड़ाकू विमान भी उड़ाए। उन्हें सोर्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया था। बता दें कि कैप्टन साठे के भाई 1999 में पाकिस्तान के साथ हुए भारत के कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। उन्होंने पाकिस्तानियों के साथ दो-दो हाथ किए थे। जबकि पिता सेना में ब्रिगेडियर पद से रिटायर हो चुके हैं।
वह एयर इंडिया एक्सप्रेस की बोइंग 737 फ्लाइट उड़ाने से पहले एयरबस 310 भी उड़ा चुके हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल के वह टेस्ट पायलट भी रहे। उनकी उपलब्धियों के चलते उन्हें एयरफोर्स एकेडमी सम्मानित कर चुकी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कैप्टन साठे को नेशनल डिफेंस एकेडमी के 58वीं कोर्स में गोल्ड मेडल मिला था। इसके बाद उन्होंने एयरफोर्स एकेडमी ज्वाइन की। यहां 127वें पायलट कोर्स में उन्होंने टॉप किया और इसके लिए उन्हें 'सोर्ड ऑफ ऑनर' से नवाजा गया था। वह काफी समय तक गोल्डन एरो 17 स्क्वाड्रन का हिस्सा रहे, जिसे हाल ही में राफेल फाइटर प्लेन की जिम्मेदारी दी गई है।
केरल विमान हादसे में रेसक्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। दो पायलट समेत 18 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, वहीं 170 लोगों को बचाया गया है। एयर इंडिया के विमान में 190 लोग सवार थे, जिसमें 174 वयस्क यात्री, 10 बच्चे, 04 केबिन क्रू और 2 पायलट थे। घायलों को मल्लपुरम और कोझिकोड के अस्पतालों में एडमिट कराया गया है। विमान बारिश के कारण कोझिकोड हवाईपट्टी से फिसल गया और 35 फुट नीचे गिर गया और दो हिस्सों में टूट गया। ये हादसा शुक्रवार शाम 7.41 बजे हुआ था।
