अर्चना तिवारी ने फोन कर मां को बताई अपनी लोकेशन, GRP मौके पर रवाना, घर आने के बाद खुलेंगे गुमशुदगी के राज
इंदौर से कटनी के लिए ट्रेन से रवाना हुई अर्चना तिवारी की मंगलवार को लोकेशन मिली है। बताया जा रहा है कि खुद अर्चना ने घरवालों को फोन कर अपनी लोकेशन बताई है। इसके बाद GRP की टीम उसे लेने के लिए बताई गई लोकेशन के लिए निकली है।
बता दें कि पिछले 13 दिनों से अर्चना लापता थी। वो 7 अगस्त को राखी मनाने के लिए इंदौर से कटनी के लिए निकली थी। लेकिन रास्ते में गायब हो गई। अब उसकी लोकेशन मिलने की खबर आ रही है। उसके सामने आने पर ही पता चल सकेगा कि उसके साथ क्या हुआ था और इतने दिनों तक वो कहां थी।
जानकारी सामने आ रही है कि अर्चना ने अपनी मां से मोबाइल पर बात की और वो अपनी लोकेशन बताई, जिसके बाद जीआरपी की टीम उसे लेने के लिए रवाना हो गई है। इसकी पुष्टि अर्चना के परिजनों ने एनडीटीवी से की है। दरअसल, इंदौर से कटनी के लिए ट्रेन से रवाना हुई अर्चना तिवारी नामक युवती के रहस्यमयी ढंग से लापता होने के मामले में न केवल ग्वालियर कनेक्शन सामने आया है, बल्कि अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। अर्चना ग्वालियर में पदस्थ एक आरक्षक राम तोमर के सम्पर्क में थी, जिसके बाद 19 अगस्त को जीआरपी की टीम उससे पूछताछ की।
रिकवरी के लिए टीम रवाना : अर्चना की रिकवरी के लिए एक स्पेशल टीम रवाना हो गई है। पुलिस को उम्मीद है जल्द ही अर्चना को रिकवर किया जाएगा। परिजनों से अर्चना तिवारी से बातचीत होने के सवाल पर SP रेल राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा परिजनों से जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण क्लू हमें मिले हैं। जल्द से जल्द अर्चना को रिकवर करने की कोशिश जारी है। वहीं, अर्चना के भाई दिव्यांशु मिश्रा का बयान- अर्चना जीवित और सुरक्षित है। घटनी की पूरी जानकारी पुलिस देगी।
क्या है अर्चना का ग्वालियर कनेक्शन : मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रहने वाली अर्चना 7 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने के लिए इंदौर से कटनी के लिए नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच बी 3 में सवार हुई थी, लेकिन वो गायब हो गई। हालांकि 12 दिन बाद जांच में पता चला कि युवती की ग्वालियर के भंवरपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक से लगातार बात हो रही थी। इतना ही नहीं आरक्षक ने युवती का इंदौर से ग्वालियर का एक बस टिकट भी बुक कराया था। इस मामले की जांच कर रही जीआरपी की टीम ग्वालियर पहुंचकर आरक्षक से पूछताछ की, जिसमें कई अहम सुराग हाथ लगे।
कैसे अचानक हुई थी लापता : अर्चना तिवारी 7 अगस्त को इंदौर के हॉस्टल से घर के लिए नर्मदा एक्सप्रेस से निकली। भोपाल पहुंचने पर अर्चना की चाची से बात हुई। वहीं ट्रेन सुबह 6:50 बजे कटनी स्टेशन पहुंची, लेकिन वो नहीं उतरी। जिसके बाद परिवारवालों ने अर्चना की खोजबीन शुरू की। इस दौरान अर्चना का बैग ट्रेन की बर्थ पर मिला। जिसके बाद परिजनों ने GRP में मामला दर्ज करवाया।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल