फर्जी मुठभेड़ : केन्द्र, गुजरात को नोटिस

नई दिल्ली (वार्ता)| ओशो| Last Updated: बुधवार, 9 जुलाई 2014 (15:51 IST)
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उच्चतम न्यायालय ने गुजरात में फर्जी मुठभेड़ की 21 घटनाओं की जाँच के लिए एक अंग्रेजी दैनिक के पूर्व संपादक बीजी वर्गीज की याचिका पर सोमवार को केन्द्र और गुजरात सरकार को नोटिस जारी किए।


वर्गीज के वकील ने मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन, न्यायमूर्ति आरवी रवीन्द्रन और न्यायमूर्ति वीएस सिरपुरकर की पीठ को बताया कि गुजरात सरकार ने राज्य विधानसभा में स्वीकार किया था कि वर्ष 2003 और 2004 के दौरान राज्य में फर्जी मुठभेड़ के 21 मामले सामने आए। याचिका में पीड़ितों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा दिए जाने का आग्रह भी किया गया है।
याचिकाकर्ता ने इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने तथा पुलिस हिरासत एवं मुठभेड़ के सभी मामलों की जवाबदेही तय करने का आग्रह किया है। इसके लिए मानवाधिकार आयोग के साथ विचार विमर्श करके एक नीति बनाने की बात भी कही गई है।


भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य रहे याचिकाकर्ता के अनुसार उस दौरान मुठभेड़ों में मारे गए लोगों की उम्र 22 से 37 वर्ष के बीच थी और यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या उनके परिजनों को इस बात का पता है कि उनके साथ क्या हुआ।

मुठभेड़ में मारे गए छह लोग पुलिस हिरासत में थे, इसी वजह से इन हत्याओं के तौर-तरीकों की जाँच किए जाने की जरूरत है।



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