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पहल 89
(जुलाई अंक)
संपादक ज्ञानरंजनसलाहकार संपादक - जितेन्द्र भाटिया, परितोष चतुर्वेदी, विनोद कुमार श्रीवास्तव, विजय कुमारप्रकाशक - पहल101,
रामनगर, अधारताल, जबलपुर-482004फोन - 2460393पत्र वी.पी.भारतीय (ग्वालियर),अनिल कुमार सिन्हा (दिल्ली)निधनसुलभा कोरे : एक आहत कवि हृदय सुखदेव सिंह : ग़ैरों की जमीन को अलविदा अनुवाद - सत्यपाल सहगल : लालसिंह दिल की कविताएँ लोकायतगोंड और कोरकू गीत : प्रस्तुति - धर्मेंद्र पारेभर्तृहरि की कविता : अनुरचना : पंकज चतुर्वेदीरॉटरडम कविता महोत्सवगीत चतुर्वेदी : अतीत में जाना है तो एक ट्राम पकड़ लोसामयिकजहाँ ज्ञान हो स्वाधीन : सुदीप बैनर्जी (व्याख्यान) शिवसेना, कल आज और कल : कुमार केतकर
क़िताब भगवा एजेंडा का नया रेटरिक/माइ कंट्री माइ लाइफकभी मिलना है हम करोड़ों को, हम करोड़ों से (विष्णु खरे) - व्योमेश शुक्लनहीं, बराबरी की बात कभी हुई ही नहीं (असद ज़ैदी) - व्योमेश शुक्लअसद ज़ैदी की कविताएँपहल विशेषउर्दू रजिस्टर/लंबी कहानीख़ालिद जावेद : शोक गीत गाने वालालंबी कविताएकांत श्रीवास्वत : नागकेसर का देश यहसाक्षात्कार - बातचीत संवादमैं ऐसी किताबें पढ़ता हूँ जिसमें वर्चस्व के नाम पर लेखकीय दखल नहीं होताविक्रम सेठ के साथ सुदीप सेन/अनुवादक - शिवदेवसफलता ने मुझे तबाह कर दियाअरुंधति राय से शोमा चौधरी/अनु. योगेंद्र आहूजाजैसे कि यह जगह जहाँ गलियों में आप उपन्यास से टकरा सकते हैंसलमान रशदी से एलेस्टेयर निवेन / अनुवादक - ओमप्रकाश कविताएँकुमार अंबुज/शैलेन्द्र चौहान/प्रेमशंकर रघुवंशीप्रताप राव कदम और अनिल त्रिपाठीआलेखचिंता और चेतना (किशोरीलाल गोस्वामी) मधुरेश : (अंतिम किश्त) विस्थापन और संस्कृति : परमानंद श्रीवास्तव (दूसरी कड़ी) उत्तर उपनिवेशवाद और प्राच्यवाद : रवि श्रीवास्तवधारावाहिक पन्नों की फटती छाती पर (अनामिका) : जितेन्द्र श्रीवास्तव (अंतिम)डायरी प्रभात त्रिपाठी : 12 और 13 अगस्त 07 नए कहानीकारकृष्ण मोहन : भूलता तो यह भी जा रहा हूँ कि भूलता जा रहा हूँ मैंमनीष द्विवेदी : एक प्रेम कहानी के आखिरी पन्नेगीत दुनियाश्री कृष्ण शर्मा और कुमार रवींद्र मूल्य : 50 रुपए