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Last Modified: शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 (14:07 IST)

अमरकंटक सेंट्रल यूनिवर्सिटी में असम के रिसर्च छात्र से मारपीट, नस्लीय भेदभाव का आरोप, सीएम ने दिए जांच के आदेश

Research scholar from Assam beaten up at Amarkantak Central University
प्रदेश के एकमात्र केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में असम के एक छात्र से  मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमरकंटक के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में असम के  पीएचडी स्कॉलर, हिरोस ज्योती दास के साथ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में जमकर मारपीट की। पीड़ित छात्र का आरोप है कि  13 जनवरी की रात में  कुछ स्थानीय युवक हॉस्टल में आए और उसका नाम पूछकर जमकर मारपीट की। पीड़ित छात्र का आरोप है कि आरोपियों ने पहले नाम पूछने के साथ यह पूछा कि कहां के रहने वाले हो  और फिर अमकंटक में रहने को लेकर बुरी तरह पिटाई कर दी।

पीएचडी स्कॉलर हिरोस के साथ हुई इस बर्बरता के बाद परिसर में तनाव व्याप्त है और इस पर सियासत भी शुरु हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के द्वारा अमरकंटक में असम के छात्र हीरोस ज्योतिदास के साथ मारपीट की घटना पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि  यह केवल एक छात्र पर हमला नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक सौहार्द, मानवता और प्रदेश की गरिमा पर भी आघात है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूरे मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर असम के छात्र हीरोस ज्योतिदास की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, और भविष्य में ऐसी प्रवृत्तियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। मध्य प्रदेश में हिंसा, घृणा और नस्लीय भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि प्रदेश की शांति, एकता और सम्मान की परंपरा को हर हाल में बनाए रखें।

वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उत्तराखंड के बाद मध्य प्रदेश में आसाम राज्य के छात्र पर हमला, नस्लभेद के आधार पर की अभद्रता! आसाम के युवक, हिरोस ज्योती दास, मध्य प्रदेश स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय, अमरकंटक में स्नातकोत्तर इकोनॉमिक्स के छात्र है। भाजपा और संघ का अड्डा बन चुके इस विश्वविद्यालय के होस्टल में कुछ उपद्रवी छात्रों ने ज्योती दास पर नस्ल भेद टिप्पणी की और विरोध करने पर उसे बुरी तरह पीटा गया।

छात्रों का आरोप है कि कैंपस में सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कुछ उपद्रवी युवक नशा कर छात्रों के साथ मार पीट करते हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति करती है। छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए इस विश्वविद्यालय को भाजपा और आरएसएस ने अपना अड्डा बना लिया है और आए दिन अनियमितताएं और घटनाएं सामने आती है। ज्ञात हो कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पिछले साल दिसंबर में मणिपुर के MBA के छात्र को नस्लभेद टिप्पणी का विरोध करने पर पीट-पीट कर मार दिया गया था।

वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में असम के विद्यार्थी के साथ छात्रावास में हुई मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा FIR दर्ज कर विधिवत कार्रवाई की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी आरोपी छात्रों के विरुद्ध अपने स्तर पर एक्शन लिया है। किसी को भी नहीं बख्शेंगे।

 
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