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मध्यप्रदेश में महंगी हो सकती है शराब, नई आबकारी नीति पर जल्द लगेगी मुहर
प्रदेश में महंगी हो सकती है देसी-विदेशी शराब
नई आबकारी नीति में एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का प्रस्ताव
शॉप बार को लेकर भी हो सकता निर्णय
नई आबकारी नीति में एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का प्रस्ताव
शॉप बार को लेकर भी हो सकता निर्णय
भोपाल। मध्यप्रदेश में शराब जल्द महंगी हो सकती है। डॉ. मोहन यादव सरकार जल्द नई आबकारी नीति लाने की तैयारी कर रही है। नई शऱाब नीति को लेकर मुख्य सचिव के सामने आज प्रजेंटेशन दिया जाएगा। जिसके बाद प्रदेश में जल्द नई आबकारी नीति जारी हो सकती है।
बताया जा रहा है कि नई आबकारी नीति में विदेशी शऱाब पर 10 फीसदी एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की तैयारी है जिसका प्रस्ताव नई आबकारी नीति में किया जा रहा है। जिससे आने वाले दिनों में शराब के दाम 10 फीसदी के करीब बढ़ जाएंगे।
सूत्र बताते है कि नई आबकारी नीति में जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसमें देसी शराब पर एक्साइज ड्यूटी 6 फीसदी और विदेशी शराब में 10 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी है। गौरतलब है कि प्रदेश में देसी शराब की एक्साइज ड्यूटी 4 साल से बढ़ी नहीं है। इसी तरह विदेशी शराब में 2 साल से एक्साइज ड्यूटी नहीं बढ़ी है।
इसके साथ ही नई शराब नीति में शॉर बार खोलने को लेकर भी कोई अहम निर्णय हो सकता है। दरअसल नई आबकारी नीति को लेकर शराब ठेकेदारों ने सरकार को जो सुझाव दिया हैं, उसके मुताबिक शराब की ब्रिकी के लिए नगरीय निकाय में दुकानें और खाली जगह उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ अंग्रेजी और देसी शराब दुकानें अलग करते हुए देसी शराब की दुकानें ऐसी जगह दी जाएं जहां लोग बैठकर सेवन कर सकें।
प्रदेश में नई आबकारी नीति फरवरी में आने की संभावना है। लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश में फरवरी के अंत या मार्च के पहले हफ्ते में आचार संहिता लग सकती है, ऐसे में सरकार नई आबकारी नीति उससे पहले लाने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में पिछले साल तत्कालीन शिवराज सरकार ने आबकारी नीति में प्रदेश में संचालित सभी अहातों को बंद करने के साथ शॉप बार पर शराब पीने की सुविधा खत्म कर दी थी। इसके साथ शैक्षणिक और धार्मिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में शराब दुकानों को बंद करने का फैसला किया था। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती सरकार का दावा था कि 2010 से प्रदेश में कोई नई शराब की दुकान नहीं खोली गई है। वहीं नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान भी 64 दुकानें बंद की गई थी।
