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शहीद ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह पंचतत्व में विलीन, 11 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, आखिरी विदाई देने के लिए उमड़ा जनसैलाब
भोपाल। तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर क्रैश में हुए शहीद ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। आज राजधानी भोपाल के बैरागढ़ स्थित विश्राम घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद वरुण सिंह का अंतिम संस्कार किया गया।
शहीद ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की चिता को उनके 11 साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। इस दौरान छोटे भाई तनुज सिंह भी साथ रहे। पिता को अंतिम विदाई के दौरान शहीद ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह की 8 साल की बेटी भावुक हो उठी।
ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विश्राम घाट पहुंचे और वीर शहीद को अंतिम सलामी देकर श्रद्धाजांलि दी।
शहीद ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह को विश्राम घाट पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके साथ कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग और स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी शहीद वरूण सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए बैरागढ़ स्थित विश्राम घाट पहुंचे है।
अपने लाल को अंतिम विदाई देने के लिए बैरागढ़ स्थित विश्राम घाट पर जनसैलाब उमड़ा। जैसे ही बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी पूरा विश्राम घाट शहीद वरूण सिंह अमर रहे और भारत माता की जय के नारे से गुंजयमान हो गया।
शहीद ग्रुप कैप्टन को अंतिम विदाई देने के लिए उत्तर प्रदेश के देवारिया से उनके परिवार के लोग भी भोपाल पहुंचे। विश्राम घाट पर परिवार और सेना से जुड़े अधिकारी और कर्मचारियों सहित अन्य लोगों ने शहीद ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के अंतिम विदाई दी।
