कांग्रेस विधायक ने SC-ST विधायकों की तुलना कुत्ते से की, भाजपा ने बताया गुलामी की मानसिकता
भोपाल। अक्सर अपने बयानों के कारण विवादों में रहने वाले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया एक बार फिर चर्चा में है। भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के जनप्रतिनिधियों की तुलना 'कुत्तों' से कर दी। दरअसल राजधानी के समन्वय भवन में डिक्लेरेशन-2 कमेटी की बैठक के दौरान कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान संयुक्त चुनावी प्रणाली के कारण SCऔर ST विधायक और सांसद अपनी आवाज खो चुके हैं और इस वर्ग के जनप्रतिनिधियों की स्थिति 'कुत्तों' जैसी हो गई है जो चाहकर भी अपने समाज के हक में नहीं बोल सकते।
उन्होंने कहा कि यदि पृथक निर्वाचन क्षेत्र होता, तो ये प्रतिनिधि स्वतंत्र होते, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में वे केवल रबर स्टैंप बनकर रह गए हैं। कांग्रेस विधायक एसी और एसटी के जनप्रतिनिधियों की तुलना जब कु्ते से कर रहे थे तब मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कई अन्य नेता मौजूद थे।
बरैया के बयान पर भाजपा ने उठाए सवाल- वहीं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान को भाजपा ने SC-ST वर्ग का अपमान बताते हुए कांग्रेस को घेरा है। भाजपा ने कांग्रेस के घेरते हुए कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने संवैधानिक पद पर आसीन जनप्रतिनिधियों की तुलना कुत्ते से कर के असल में कांग्रेस की उस गुलामी की मानसिकता को फिर उजागर किया है, जो वर्षों से एक ही परिवार के इशारों पर चलने वाली राजनीति में जड़ जमा चुकी है।
भाजपा ने कहा कि समाज को बाँटने में कांग्रेसी तो हमेशा से माहिर खिलाड़ी रहे हैं। हिन्दू विरोध और SC - ST वर्ग को भड़काने का यह कोई पहला मामला नहीं है, तथाकथित मोहब्बत के दुकानदारों का द्वेष फैलाने का पुराना इतिहास रहा है। फिर वो चाहे इनके नेता द्वारा संसद में हिन्दुओं को नफरती बोलना हो या फिर देश के ख़िलाफ़ GenZ को भड़काने वाले बयान हों। कुछ और नहीं बस बालकबुद्धि के नेतृत्व में कांग्रेस नेता अपने मानसिक दिवालियेपन का परिचय दे रहे हैं। साथ ही यह भी कहा जा सकता है कि घटिया बयानबाजी करने की कांग्रेसियों में प्रतियोगिता हो रही है।
विवाद के बाद दी सफाई- वहीं दूसरी विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह बयान अंबेडकर द्वारा व्यवस्था के प्रति व्यक्त किए गए 'प्रायश्चित' के संदर्भ में कहे थे, न कि किसी व्यक्ति विशेष के अपमान के लिए। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया ने इससे पहले भी अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रह चुके है। लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत पर अपना मुँह काला करने और अधिकारियों की चमड़ी में भूसा भरने जैसे बयानों के कारण वह खूब सुर्खियों में रहे थे।