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Last Modified: भोपाल , रविवार, 11 जनवरी 2026 (22:12 IST)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ

Chief Minister Dr Mohan Yadav launched Farmer Welfare Year 2026 in the state
- मुख्यमंत्री यादव ने कहा- कृषक कल्याण वर्ष में किसानों का करेंगे समग्र कल्याण
- मध्य प्रदेश देश का एकमात्र राज्य जहां खेती का रकबा 2.50 लाख हेक्टेयर बढ़ा
- सोयाबीन के बाद अब सरसों में भी लागू होगी भावांतर योजना 
- डिंडोरी में बनेगा मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र
Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज जम्बूरी मैदान, भोपाल में अन्नदाताओं के कल्याण और समृद्धि को समर्पित 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' का शुभारंभ कर जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और नए अवसरों का वर्ष होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन के दौरान ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति सामधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का रिमोट का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस दौरान कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की आमदनी बढ़ाने सहित इनकी बेहतरी और खुशहाली के लिए किए जाने वाले प्रयासों के संबंध में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। 
   
 मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार खेतों से निकलने वाली पराली से भी किसानों को आय दिलाने का जतन करेगी। मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्‍त करते हुए कहा कि हमारा मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां बीते सालों के प्रयासों से खेती का रकबा ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पावर्ती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक एवं केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना सहित ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा। 
 श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिण्डोरी  जिले में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना 
पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में हमने जो कहा, वह करके दिखाया है। प्रदेश में श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिण्डोरी जिले में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी।

इससे श्रीअन्न का उत्पादन और पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहा हैं। इन केंद्रों के जरिए इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा।
 
 30 लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पावर पम्प देंगे 
 मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश के 30 लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पावर पम्प देंगे। हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पम्प देकर इन्हें अन्नदाता से आत्मनिर्भर ऊर्जादाता बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। अभी 65 लाख हेक्टेयर है, इसे बढ़ाकर वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाएंगे।
 
किसान कल्याण के लिए सरकार के 10 संकल्प 
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने, लागत घटाने और खेती को स्थायी करने के लिए हमारी सरकार ने 10 दिशात्मक मॉडल तैयार किए हैं। यह मॉडल हमारे लिए दस संकल्प की तरह हैं। इसके तहत हम कृषि बदलाव की बड़ी परियोजनाओं पर हम युद्ध स्तर पर काम करेंगें। प्रदेश में कृषि क्षेत्र 16 प्रतिशत विकास दर से लगातार आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार प्रदेश के किसानों के समग्र कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। सालभर विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के जरिए सरकार के 16 से अधिक विभाग/मंत्रालय आपसी समन्वय से किसानों को उनका वैभव लौटाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन के बाद अब सरसों की फसल को भी हम भावांतर योजना के दायरे में लेकर आएंगे।

उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के विकास में किसानों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। ऐसे उद्योग लगाने वालों को सरकार सब्सिडी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र 16 प्रतिशत विकास दर से लगातार आगे बढ़ रहा है।
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