फिर से है चाहत की तलाश...
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ऐसे भाग्यशाली बहुत कम होते हैं जो कॉलेज लाइफ में कभी न कभी दिल की चोट नहीं खाते। लेकिन यह भी सच है कि ऐसी चोटों से इस उम्र में दिल नहीं टूटा करते। दिल के लिहाज से यह उम्र कच्ची भले होती है, लेकिन इसमें टूट-फूट से उठकर खड़े होने की क्षमता भी खूब होती है। सवाल है कि शीशा-ए-दिल की इस खूबी का कैसे इस्तेमाल किया जाए? आइए हम बताते हैं-
दूध से जले हैं तो...
जी हाँ! किसी की याद में दिल लगाकर बैठे रहना ठीक नहीं तो दूसरे के लिए इतना उतावलापन भी ठीक नहीं। अभी-अभी आपका ब्रेक-अप हुआ है। ...और अभी आप फिर से किसी के लिए बेकरार होने लगे। इसका मतलब है कि आपको फिर धक्का लग सकता है। ऐसे में यह धक्का आपको स्तब्ध करने वाला भी हो सकता है। इसलिए रीबाउंड रिलेशनशिप में जरा धीरे-धीरे आगे बढ़ें। जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी न दिखाएँ। इसके लिए बहुत जरूरी है कि कुछ वक्त आप अपने साथ गुजारें। यह आपको मजबूत बनाएगा और किसी भी रिश्ते में आने वाली परेशानियों को आप झेल पाएँगे।
ऐसा पानी न बनें जो हर तरफ बह चले
किसी ने आपसे प्यार के दो बोल बोले नहीं कि आप फिसलने को तैयार। हालाँकि टूटा दिल रोके हुए बाँध की तरह होता है। जहाँ जरा-सी साँस मिली पानी बह चला। इसी तरह टूटे दिल के साथ आप किसी के साथ भी जुड़ जाते हैं। थोड़े से प्यार में ही आप एक लंबे रिश्ते की संभावनाएँ तलाशने लगते हैं, लेकिन यह जल्दबाजी ठीक नहीं क्योंकि जिस शख्स में आप अचानक जन्म-जन्म का बंधन तलाशने लगते/लगती हैं, कई बार तो वह ऐसा इनसान निकलता है, जिसकी तरफ सामान्य हालात में आप देखेंगे भी नहीं।
बरकरार रखें अपनी कसौटी
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मुखौटे से बचें
आप पहले इतना ज्यादा स्मोक या ड्रिंक नहीं करते थे, जितना एक नए दोस्त के साथ करने लगे हैं। अगर ऐसा है तो बात खतरनाक है। दरअसल, आप जो असल में हैं, उसे बहुत देर तक तो छिपा नहीं सकते, लेकिन इस तरह अगर आपके व्यवहार में कुछ बदलाव आया है, तो यह आगे चलकर आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
फायदा भूलने में ही है
हम नहीं कहते हैं कि यह आसान है, लेकिन बेहतरी उसे भूलने में ही है। क्योंकि आपका रिश्ता टूट चुका है,लेकिन अब भी वो शख्स आपके दिलोदिमाग पर छाया रहता है। आप उसे भूल ही नहीं पा रहे हैं। आप किसी न किसी से उसके बारे में बात करना चाहते हैं। सिर्फ इसलिए आपको किसी का साथ चाहिए? ऐसी बेकरारी से सावधान रहें। ऐसे रिश्ते का कोई फायदा नहीं।
पलायन ठीक नहीं...
दिल टूटने के बाद कुछ लोग गम भुलाने के लिए बहुत बड़े फैसले ले लेते हैं मसलन कॉलेज छोड़कर चले जाते हैं, पढ़ाई छोड़ देते हैं वगैरह...। ऐसे अहम फैसले, जिनसे नुकसान भी हो सकता है, बिना सोचे-समझे कभी न लें। ऐसे जल्दबाजी में लिए गए फैसले काफी खतरनाक होते हैं। ब्रेकअप के कम से कम एक साल तक तो कोई अहम फैसला न लें।
तुम ही दुनिया नहीं
कई बार टूटे दिल आशिक किसी को भी गले से लगा लेते हैं तो कई बार इसके उलटा होता है। ऐसे लोगों के दिल-दिमाग में यह बात घर कर जाती है कि उनसे सुंदर, उनसे अच्छा दुनिया में कोई और है ही नहीं। ये दोनों अतियाँ खतरनाक होती हैं। इससे किसी और का नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ आपका नुकसान होता है। इसलिए जब किसी से ब्रेकअप हो तो अपने अहं के लिए नहीं बल्कि जिंदगी के लिए यह मानकर चलें कि तुम दुनिया नहीं हो। तुम्हारे बाद भी दुनिया है।
