13 साल से सूखा, लोग बोल रहे 'ईश्वर मेघ दे, पानी दे'

DW| Last Updated: सोमवार, 20 जून 2022 (09:42 IST)
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रिपोर्ट : आमिर अंसारी चिली की पेनुएलस कभी ताजे पानी का सबसे बड़ा स्रोत थी, लेकिन अब यह लगभग एक शुष्क रेगिस्तान है। लोग भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं, हे भगवान, हमें थोड़ा पानी दो!

कभी होता था भरपूर पानी
पेनुएलस तालाब 20 साल पहले तक वालपारैसो शहर के लिए पानी का मुख्य स्रोत था, जिसमें 38000 ओलंपिक के आकार के स्विमिंग पूलों के लिए पर्याप्त पानी था। अब सिर्फ दो स्विमिंग पूलों का ही पानी बचा है।

केवल लाशें और कंकाल
झील में पानी धीरे-धीरे सूखता गया और सूखी जमीन में दरार आती गई। जैसे ही पानी सूखता है, अलग-अलग तरह की मछलियां मर जाती हैं। बचता है तो सिर्फ कंकाल।

बिना बारिश के 13 साल!
इतनी बड़ी झील अचानक नहीं सूखी है। वालपारैसो में 13 साल से सूखा पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर गर्मी के असर का भी अनुमान लगाया गया है। पहले जब एंडीज की बर्फ पिघलती थी, तो पानी नीचे झील में जमा होता था।

पानी के लिए पहुंचते जानवर और रास्ते में मौत
पेनुएलस झील में जितना पानी बचा उसके लिए अभी भी बहुत से जानवर थोड़े से पानी की आस में दूर-दूर से आते हैं और कई रास्ते में ही प्यासे मर जाते हैं।

ईश्वर मेघ दे, पानी दे
पेनुएलस झील के पास रहने वाले 54 साल के अमांडा कारौस्को कहते हैं, हमें पानी के लिए लिए भगवान से भीख मांगनी होगी। वे कहते हैं उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा। कारौस्को कहते हैं, पहले पानी कम था, लेकिन अभी जैसा नहीं था।

बारिश से ही जिंदा होगी झील
ईएसवीएएल नामक एक संस्था वालपारैसो शहर को पानी उपलब्ध कराती है। कंपनी के महाप्रबंधक जोस लुइस मुरिलो कहते हैं कि झील को बारिश की जरूरत है।

जलवायु परिवर्तन का भयानक असर
शोधकर्ताओं का कहना है कि एंडीज पहाड़ों से पिघलने वाली बर्फ से झील में आने वाला पानी बंद हो गया। एंडीज की बर्फ तेजी से पिघल रही है और पानी बहता नहीं है सीधे भाप बनकर उड़ जाता है।



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