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भारतीय क्रिकेट टीम के असिस्टेंट और फील्डिंग कोच ने दिया इस्तीफा

T Dilip
भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने इस्तीफा पेश कर दिया है।  वह इंडियन प्रीमियर लीग के लिए कोलकाता नाईट राइडर्स के लिए वापस कोचिंग करेंगे। भारतीय कोचिंग सेटअप में वह गौतम गंभीर के दाएं हाथ के तौर पर जाने जाते थे। पूर्व डच ऑलराउंडर ने  यह निर्णय ना केवल कोलकाता से जुड़ने के लिए बल्कि परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए लिया है।

2024 टी 20 विश्व कप जीत के बाद राहुल द्रविड़ की जगह मुख्य कोच बने गौतम गंभीर ने 46 वर्षीय टेन डेशकाटे को इस भूमिका में चुना था। भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ़ का हिस्सा रहते हुए टेन डेशकाटे ने बल्लेबाज़ी और कोचिंग दोनों विभागों में ज़िम्मेदारी निभाई।
केकेआर में टेन डेशकाटे दोबारा अभिषेक नायर के साथ जुड़ेंगे। इस जोड़ी ने थोड़े समय के लिए साथ में भारतीय टीम के लिए भी सहायक कोचों की भूमिका निभाई थी, इससे पहले दोनों केकेआर में गंभीर के अंडर भी काम कर चुके थे।

एक खिलाड़ी के तौर पर टेन डेशकाटे ने 2012 और 2014 में केकेआर के साथ दो आईपीएल ख़िताब जीते और 2022 में बतौर फ़ील्डिंग कोच वह दोबारा केकेआर के साथ जुड़े थे। वह 2024 तक केकेआर के कोचिंग सेट-अप का हिस्सा थे, जिस दौरान गंभीर मेंटॉर थे और चंद्रकांत पंडित के टीम के मुख्य कोच रहते हुए टीम ने एक आईपीएल ख़िताब भी जीता। इसके बाद जब गंभीर राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़े तब टेन डेशकाटे भी उनके साथ भारतीय कोचिंग दल का हिस्सा बन गए।

टेन डेशकाटे के सहायक कोच रहने के दौरान भारत ने 2025 में एशिया कप जीतने के साथ ही 2026 का टी20 विश्व कप भी जीता, हालांकि ट्रांज़िशन फ़ेज़ से गुज़र रही भारतीय टीम ने टेस्ट में बुरी तरह संघर्ष किया, ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी हारने के साथ ही भारत को घर पर न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 0-3 और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ 0-2 से हार झेलनी पड़ी।
वहीं भारतीय फील्डिंग में सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले फील्डिंग कोच टी-दिलीप का भी कार्यकाल समाप्त हो गया है और वह टीम के साथ श्रीलंका नहीं जा रहे हैं। फील्डिंग कोच टी-दिलीप ने भारतीय खिलाड़ियों का फील्डिंग स्तर खासा बढ़ाया। खासकर एकदिवसीय विश्वकप के दौरान जब हर मैच के बाद टीम को फील्डिंग मेडल दिया जाता था। यह एक ऐसी प्रथा थी जिससे हर खिलाड़ी प्रोत्साहित हुआ।
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