सोमवार, 22 अप्रैल 2024
  • Webdunia Deals
  1. खेल-संसार
  2. क्रिकेट
  3. समाचार
  4. Prasidh Krishna wants to be known as hit the deck bowler
Written By
Last Updated : बुधवार, 24 मार्च 2021 (15:53 IST)

वनडे डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने वाले भारतीय बने कृष्णा, आगे ऐसे होना चाहते हैं प्रसिद्ध

वनडे डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने वाले भारतीय बने कृष्णा, आगे ऐसे होना चाहते हैं प्रसिद्ध - Prasidh Krishna wants to be known as hit the deck bowler
पुणे:इंग्लैड के खिलाफ अपने पदार्पण मैच के शुरूआती ओवरों में रन लुटाने के बाद शानदार वापसी करने वाले भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा कि वह ऐसे गेंदबाज के तौर पर पहचान बनाना चाहते है जो सझेदारी तोडने और गेंद को ‘हिट द डेक (पिच पर तेजी से टप्पा खिलाने)’ के लिए जाना जाए।
 
कृष्णा ने 8.1 ओवर में 54 रन देकर चार विकेट झटक कर भारतीय टीम को मंगलवार को यहां 66 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण पर किसी भारतीय गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।प्रसिद्ध कृष्णा से पहले किसी भी भारतीय गेंदबाज ने वनडे के पहले मैच में 4 विकेट नहीं चटकाए थे।

कृष्णा से पहले नोएल डेविड ने साल 1997 में ट्रीनीडाड मेें वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पदार्पण मैच में 21 रन देकर 3 विकेट लिए थे। इस लिस्ट में डेविड के साथ अन्य भारतीय गेंदबाजों ने अपने डेब्यू में 3 से ज्यादा विकेट नहीं लिए हैं। हार्दिक पांड्या भी इस लिस्ट में शामिल है जिन्होंने साल 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ धर्मशाला में 31 रन देकर 3 विकेट लिए थे।
कर्नाटक के इस 25 साल के गेंदबाज के खिलाफ जेसन रॉय (46) और जॉनी बेयरस्टॉ (94) ने आक्रामक रूख अख्तियार किया जिससे उन्होंने शुरूआती तीन ओवरों में 37 रन लुटा दिये। उन्होंने हालांकि रॉय को आउट कर इसका बदला लिया। उन्होंने अगले 5.1 ओवर में 17 रन देकर चार विकेट लिए।

देखा जाए तो कृष्णा ने ही भारत को पहली सफलता दिलाकर जीत की राह बताई। रॉय को आउट करने के बाद उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ बेन स्टोक्स को सस्ते में पवैलियन भेज कर टीम इंडिया को मैच में जीत की आशा जगाई।उन्होंने सैम बिलिंग्स को विराट कोहली के हाथों कैच करवाया और अंत में टॉम करन का विकेट लेकर भारत की जीत पर सील लगा दी।
 
कृष्णा ने मैच के बाद कहा, ‘‘ मुझे अच्छी शुरूआत नहीं मिली। उन्होंने मेरे खिलाफ आक्रामक रूख अख्तियार किया क्योंकि मैंने खराब गेंदबाजी की, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था। हमने एक साथ कई विकेट चटकाये जिससे टीम को फायदा हुआ।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘ शुरुआती तीन ओवरों के बाद मैं समझ गया था कि गेंद को आगे टप्पा नहीं खिला सकता। इसके बाद मैंने गेंद को बल्लेबाजों की पहुंच से दूर टप्पा खिलाना शुरू किया और गेंद ने अपना काम किया।’’
 
कृष्णा ने विजय हजारे ट्राफी में सात मैचों में 24.5 की औसत से 14 विकेट लिये थे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड से होने वाली वनडे सीरीज में मौका मिला।वह इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व करते है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘आईपीएल से मुझे मदद मिली। मैं ‘हिट द डेक’ गेंदबाज के तौर पर पहचान बनाना चाहता हूं जो टीम की जरूरत के मुताबिक साझेदारी तोड़ सके।’(भाषा)