अफगानिस्तान के बाद नेपाल का कोच बना यह पूर्व भारतीय ऑलराउंडर

पुनः संशोधित मंगलवार, 9 अगस्त 2022 (14:09 IST)
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काठमांडू: ने पूर्व भारतीय ऑलराउंडर को अपनी पुरुष राष्ट्रीय टीम का बनाया है। वह पुबुदू दसानायके की जगह लेंगे, जो अब कैनेडा के कोच हैं। दसानायके ने पिछले महीने ही 'व्यक्तिगत कारणों' को हवाला देकर इस पद से इस्तीफ़ा दिया था।

प्रभाकर ने 1984 से 1996 के बीच भारत के लिए 39 टेस्ट और 130 वनडे खेले हैं। उन्होंने दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की टीमों की कोचिंग भी की है। दिल्ली ने 2008 में जब रणजी ट्रॉफ़ी जीती थी तब प्रभाकर दिल्ली के गेंदबाज़ी कोच थे। हालांकि खिलाड़ियों और चयनकर्ताओं पर टिप्पणी करने के कारण 2011-12 सीज़न से ठीक पहले उन्हें दिल्ली के कोच पद से हटा दिया गया था। इसके बाद वह 2015-16 के बीच अफ़ग़ानिस्तान के गेंदबाज़ी कोच थे।

कोच बनने के बाद प्रभाकर ने कहा, "नेपाल में बेहतरीन क्रिकेटिंग प्रतिभाएं हैं और मैं अपनी इस भूमिका के लिए बेहद उत्साहित हूं। मैं नेपाल को क्रिकेट की एक महत्वपूर्ण शक्ति बनाना चाहता हूं।" नेपाल वर्तमान में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग 2 में खेल रहा है और उन्होंने 15 में से आठ मुक़ाबले जीते हैं।

अभी के समय में प्रभाकर दूसरे ऐसे पूर्व भारतीय खिलाड़ी है जो किसी टीम के कोच बने हैं। जिम्बाब्वे टीम के कोच लालचंद राजपूत है जो टी-20 विश्वकप 2007 में विजेता भारतीय टीम के कोच और मैनेजर थे। इसके साथ ही 1983 की विजेता टीम के सदस्य संदीप पाटिल भी 90 के अंतिम दशक में केन्या टीम के कोच रह चुके हैं।

वैसे मनोज प्रभाकर की छवि उतनी साफ नहीं है क्योंकि वह 90 के दशक के अंत में मैच फिक्सिंग कांड में फंस गए थे। हालांकि उनपर लगे आरोप सिद्ध नहीं हुए थे।



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