भारी आलोचनाओं के बीच टीम इंडिया के सपोर्ट में उतरे कपिल देव, बोले- ‘हर बार आप नहीं जीत सकते ट्रॉफी’
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद से चारों तरफ भारतीय क्रिकेट टीम की किरकिरी हो रही है। फैंस निराश हैं कि भारत एक बार फिर ट्रॉफी जीतने से चूक गया। तो वहीं क्रिकेट गलियारों में इस बड़ी हार का पोस्टमार्टम जारी है। लेकिन अब दिग्गज भारतीय कप्तान कपिल देव ने टीम इंडिया की सपोर्ट किया है।
1983 में भारत को पहला विश्व कप जिताने वाले कप्तान कपिल देव का ने भारतीय टीम की निरंतरता की सराहना की। उनका मानना है कि हर बार भारत नॉकआउट मैचों तक पहुंचता है, ये उपलब्धि है, मगर आप हर बार तो ट्रॉफी नहीं जीत सकते।
यूट्यूब चैनल 'स्पोर्ट्स यारी' के साथ बातचीत करते हुए कपिल देव ने कहा, 'आप मुझे एक चीज बताइए, वह सेमीफाइनल और फाइनल में हर बार पहुंच रहे हैं क्या यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि नहीं है? हम काफी जल्दी आलोचना करते हैं। आप हर बार ट्रॉफी नहीं जीत सकते हैं। आप देखिए वह कितना शानदार खेले। अगर वह एक मैच हार जाते हैं या फिर वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल हार जाते हैं तो क्या इसका मतलब है कि वह प्रेशर के आगे झुक जा रहे हैं?'
भारत ने टेस्ट चैंपियनशिप के चक्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। टीम 17 में से 12 मैच जीतने के साथ अंक तालिका में नंबर-1 पर रहते हुए फाइनल में पहुंची थी। हालांकि रिजर्व डे पर पहुंचे टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल मैच में भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और ट्रॉफी हाथ से फिसल गई। मगर तारीफ करनी होगी कीवी खिलाड़ियों की, जिन्होंने मैदान पर विजेता वाला खेल दिखाया और 21 साल बाद अपने देश के लिए खिताब जीता।
कपिल देव ने आगे कहा, 'सामने वाली टीम का दिन अच्छा था, वह हम से बेहतर खेले। हमने यह बहुत ध्यान से देखा है कि एक खराब प्रदर्शन को मीडिया 100 बार दिखाती है कि यह खिलाड़ी दबाव में नहीं खेल सकते हैं। हमने इस प्रेशर में कई सारे मुकाबले जीते हैं।'
ये पहली बार नहीं हुआ है, जब किसी बड़े मैच में मिली हार के बाद भारत को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा हो। ऐसा हर बार होता है, जब भारत किसी नॉकआट मैच में हार जाता है। मगर गौर करने वाली बात है, कि विराट की कप्तानी में भले ही अब तक भारतीय टीम ट्रॉफी ना जीत सकी हो, मगर लगातार नॉकआउट मैचों तक का सफर तय करती आ रही है।
1983 में भारत को पहला विश्व कप जिताने वाले कप्तान कपिल देव का ने भारतीय टीम की निरंतरता की सराहना की। उनका मानना है कि हर बार भारत नॉकआउट मैचों तक पहुंचता है, ये उपलब्धि है, मगर आप हर बार तो ट्रॉफी नहीं जीत सकते।
यूट्यूब चैनल 'स्पोर्ट्स यारी' के साथ बातचीत करते हुए कपिल देव ने कहा, 'आप मुझे एक चीज बताइए, वह सेमीफाइनल और फाइनल में हर बार पहुंच रहे हैं क्या यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि नहीं है? हम काफी जल्दी आलोचना करते हैं। आप हर बार ट्रॉफी नहीं जीत सकते हैं। आप देखिए वह कितना शानदार खेले। अगर वह एक मैच हार जाते हैं या फिर वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल हार जाते हैं तो क्या इसका मतलब है कि वह प्रेशर के आगे झुक जा रहे हैं?'
कपिल देव ने आगे कहा, 'सामने वाली टीम का दिन अच्छा था, वह हम से बेहतर खेले। हमने यह बहुत ध्यान से देखा है कि एक खराब प्रदर्शन को मीडिया 100 बार दिखाती है कि यह खिलाड़ी दबाव में नहीं खेल सकते हैं। हमने इस प्रेशर में कई सारे मुकाबले जीते हैं।'
ये पहली बार नहीं हुआ है, जब किसी बड़े मैच में मिली हार के बाद भारत को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा हो। ऐसा हर बार होता है, जब भारत किसी नॉकआट मैच में हार जाता है। मगर गौर करने वाली बात है, कि विराट की कप्तानी में भले ही अब तक भारतीय टीम ट्रॉफी ना जीत सकी हो, मगर लगातार नॉकआउट मैचों तक का सफर तय करती आ रही है।
