क्यों भिड़े थे कृष्णा इंग्लैंड के स्टार रुट से? सामने आया चौंकाने वाला राज [VIDEO]
India vs England 5th Test : भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा (Prasidh Krishna) ने अच्छे दोस्त जो रूट (Joe Root) के साथ पांचवें और आखिरी क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन हुई नोंकझोंक का पूरा मजा लिया और उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के इस अनुभवी बल्लेबाज को गुस्सा दिलाना टीम की रणनीति का हिस्सा था। प्रसिद्ध और रूट के बीच तनाव के कारण अंपायरों को दखल देना पड़ा। आम तौर पर शांत रहने वाले रूट 22वें ओवर में चौके बाद प्रसिद्ध की टिप्पणी से खुश नहीं थे।
प्रसिद्ध ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा , यह छोटी सी बात थी। प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने की वजह से ऐसा हो जाता है। हम मैदान से बाहर अच्छे दोस्त हैं। यह हल्की नोंकझोंक थी और हम दोनों ने इसका मजा लिया।
Joe Root and Prasidh Krishna interaction #ENGvsIND pic.twitter.com/5zOGWj84QQ
— ascii13 (@zeracast) August 1, 2025
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूट को चिढाना अनायास नहीं हुआ था।
उन्होंने कहा ,यह हमारी रणनीति थी। लेकिन मैने सोचा नहीं था कि मेरे कुछ शब्दों पर वह इतनी कड़ी प्रतिक्रिया देंगे। जैसा कि मैने कहा कि मुझे वह बहुत पसंद है और वह खेल के लीजैंड हैं।
इस गेंदबाज ने कहा , यह अच्छी बात है कि हम दोनों अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे। बल्लेबाज से हल्की फुल्की बात होते रहने पर गेंदबाजी में मुझे मजा आता है। इससे और मदद मिलती है जब बल्लेबाज भी आवेश में आकर प्रतिक्रिया देता है।
पहले सत्र में इंग्लैंड के बल्लेबाजों के दबाव बनाने के बाद तेज गेंदबाजों में आपस में क्या बात हुई, यह पूछने पर उन्होंने कहा , एक टीम के तौर पर हमें पता था कि लंच के पहले क्या हुआ। तीनों तेज गेंदबाजों ने एक कोने में जाकर आपस में बात की और तय किया कि जो हुआ, वह हो गया। अब हमें सही लाइन और लैंग्थ से गेंदबाजी करके वापसी करनी होगी।
इंग्लैंड के बेन डकेट (Ben Duckett) को आउट करने के बाद भारतीय तेज गेंदबाज आकाश दीप (Akash Deep) ने मुस्कुराते हुए उनके कंधे पर हाथ रखा जो बल्लेबाज को पसंद नहीं आया ।
AKASHDEEP REACTION AFTER GETTING BEN DUCKETT WAS EPIC. ????pic.twitter.com/mS1UO5VcY7
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) August 1, 2025
इंग्लैंड के बल्लेबाजी कोच मार्कस ट्रेसकोथिक ने कहा कि आकाश दीप को ऐसा करने की जरूरत नहीं थी।
उन्होंने कहा , मेरे समय में अधिकांश बल्लेबाज उसे कोहनी लगा देते या कुछ अलग करते। मैने कभी किसी गेंदबाज को किसी बल्लेबाज को आउट करने के बाद ऐसा करते नहीं देखा। ऐसा करने की कोई जरूरत भी नहीं थी। (भाषा)

