ब्रेंडन मक्कलम ने बेन स्टोक्स के सामने संन्यास ना लेने की लगाई थी गुहार
इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने खुलासा किया कि उन्होंने बेन स्टोक्स से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया था लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे।इंग्लैंड सोमवार को ट्रेंटब्रिज में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा और अंतिम टेस्ट 160 रन से हार गया। स्टोक्स ने इस मैच के चौथे दिन ही संन्यास की घोषणा कर सभी को चौंका दिया।
मैकुलम ने प्रसारणकर्ता से कहा, जब उन्होंने मुझे बताया कि वह संन्यास लेने जा रहे हैं तो मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की थी। लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे और अपने फैसले पर अडिग थे।उन्होंने कहा, उनके फैसले से निश्चित तौर पर मैं थोड़ा उदास हो गया था क्योंकि हम चार साल से इस सफर में साथ रहे हैं और यह एक रोमांचक अनुभव रहा है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस दौरान स्टोक्स के साथ इतने करीब से काम करने का मौका मिला। मैं उन्हें अपना दोस्त, एक सच्चा दोस्त मानता हूं।
मैकुलम ने कप्तान और खिलाड़ी के रूप में स्टोक्स के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बहुत अच्छा नेतृत्वकर्ता बताया।उन्होंने कहा,वह शानदार नेतृत्वकर्ता हैं। लोग उनका अनुसरण करते हैं। चाहे वह मैदान पर हों, ड्रेसिंग रूम में हों, टीम होटल में हों, लोग उनका अनुसरण करते हैं क्योंकि वह अपनी छाप छोड़ते हैं। वह अपने विचारों और तरीकों पर पूरा भरोसा रखते हैं।
मैकुलम ने कहा, क्रिकेट अनिश्चितता का खेल है लेकिन वह अपनी उपस्थिति से इसमें स्थिरता लाते थे। वह बेमिसाल व्यक्तित्व के धनी हैं। परिस्थिति कैसी भी हो वह पीछे नहीं हटते और अपने पर पूरा विश्वास रखते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए हमें बेन की बहुत कमी खलेगी। उनके जैसे खिलाड़ी की जगह भरना बहुत मुश्किल है। लेकिन यही तो दुनिया का नियम है। कोई भी खिलाड़ी हमेशा नहीं खेल सकता, कोई भी हमेशा कप्तान नहीं रह सकता। अभी हम स्टोक्स की उपलब्धियों का जश्न मनाना चाहते हैं। इसके बाद ही आगे के बारे में सोचेंगे।
मैकुलम ने कप्तान और खिलाड़ी के रूप में स्टोक्स के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बहुत अच्छा नेतृत्वकर्ता बताया।उन्होंने कहा,वह शानदार नेतृत्वकर्ता हैं। लोग उनका अनुसरण करते हैं। चाहे वह मैदान पर हों, ड्रेसिंग रूम में हों, टीम होटल में हों, लोग उनका अनुसरण करते हैं क्योंकि वह अपनी छाप छोड़ते हैं। वह अपने विचारों और तरीकों पर पूरा भरोसा रखते हैं।
मैकुलम ने कहा, क्रिकेट अनिश्चितता का खेल है लेकिन वह अपनी उपस्थिति से इसमें स्थिरता लाते थे। वह बेमिसाल व्यक्तित्व के धनी हैं। परिस्थिति कैसी भी हो वह पीछे नहीं हटते और अपने पर पूरा विश्वास रखते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए हमें बेन की बहुत कमी खलेगी। उनके जैसे खिलाड़ी की जगह भरना बहुत मुश्किल है। लेकिन यही तो दुनिया का नियम है। कोई भी खिलाड़ी हमेशा नहीं खेल सकता, कोई भी हमेशा कप्तान नहीं रह सकता। अभी हम स्टोक्स की उपलब्धियों का जश्न मनाना चाहते हैं। इसके बाद ही आगे के बारे में सोचेंगे।

