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डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड गिरावट, पाकिस्तानी रुपये से तुलना ने बढ़ाई चिंता
बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया (Dollar vs Rupee) फिर से फिसल गया। इससे यह नए रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया। बीते कई दिन से रुपये में गिरावट जारी है। हाल के दिनों में गिरावट के चलते डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार नए-नए ऑल-टाइम लो लेवल पर फिसला है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती कुछ ऐसे प्रमुख कारण हैं, जिनकी वजह से रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है।
20 मई को भारतीय रुपया 33 पैसे गिरकर एक नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी और ब्रेंट क्रूड की लगातार बढ़ती कीमतों ने रुपए के प्रति मार्केट के रुख को कमजोर कर दिया ।भारतीय करेंसी पिछले ट्रेडिंग सेशन के 96.53 रुपये प्रति डॉलर के मुकाबले 33 पैसे गिरकर 96.86 रुपये प्रति डॉलर पर खुली और पौने 10 बजे ये तक 96.90 के भाव कर गयी। डॉलर के मुकाबले 96.90 का लेवल रुपये के लिए आज तक का सबसे निचला स्तर है।
पाकिस्तान रुपए को अभी भी पछाड़ता
ताजा करेंसी एक्सचेंज रेट के मुताबिक, 1 भारतीय रुपया करीब 2.89 पाकिस्तानी रुपये के बराबर है। वहीं 1 पाकिस्तानी रुपया करीब 35 पैसे भारतीय रुपये के बराबर बैठता है। भारत के 100 रुपये पाकिस्तान में करीब 290 पाकिस्तानी रुपए के बराबर बैठते हैं। इसका मतलब है कि भारतीय रुपया अभी भी पाकिस्तानी करेंसी से लगभग तीन गुना ज्यादा मजबूत है।
बांग्लादेश के टका के मुकाबले गिरा
बांग्लादेश की करेंसी टका की बात की जाए तो भारतीय रुपए इसके मुकाबले भी कमजोर हुआ है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार एक साल पहले एक रुपए की कीमत 1.42 बांग्लादेशी टका के बराबर थी। अब यह 1.28 टका रह गई है। इसका मतलब है कि बीते एक साल में टका के मुकाबले भारतीय रुपए कमजोर हुआ है। फीसदी में यह कमजोरी करीब 10 प्रतिशत है।
क्यों बढ़ रही है चिंता
भारत अपनी आवश्यकता का 85% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और वैश्विक अनिश्चितता की वजह से भी निवेशक डॉलर की तरफ जा रहे हैं, जिससे रुपए पर असर पड़ रहा है। Edited by : Sudhir Sharma
