बजट 2012-13 के मुख्य बिन्दु

* कुछ वस्तुओं पर सब्सिडी अब गैर जरूरी है।
* एलपीजी और केरोसिन में सब्सिडी के नए तरीकों पर विचार।
* सब्सिडी घटाना सरकार की प्राथमिकता होगी।
* 5 क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरुरत।
* सब्सिडी की वजह से सरकारी घाटा बढ़ा।
* महंगाई दर कम होने की उम्मीद।
* एशियाई देशों में आयात-निर्यात में बेहतर प्रदर्शन।
* अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ेंगी।
* पिछले दो साल के मुकाबले विकास दर कम। * इस वर्ष विकास दर 6.9 रहेगी।
* पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष कई क्षेत्रों में मंदी का असर।
* भारत आर्थिक विकास में दूसरे देशों से आगे।
* दुनिया की आर्थिक स्थिति का असर भारत पर भी।
* तेल की कीमतों का असर पड़ा, जापान के भूकंप का भी असर दिखा
* ईपीएफ की ब्याज दरों में कमी को लेकर हंगामा, लेफ्ट ने जताया ऐतराज। * रेबजतृणमूकांग्रेविरोडरकेंद्सरकानाप-तौकदउठानचाहेगी* श्रीलंकाई तमिल मुद्दे पर सरकार से समर्थन हेतु दबाव बनाने के लिए के दौरान डीएमके कोटे से वित्त राज्यमंत्री पलानीमणिक्कम उपस्थित नहीं रहेंगे।
* बढ़ते सब्सिडी बोझ से वित्तमंत्री परेशान।
* बढ़ सकती है टैक्स की सीमा।
* पीएफ पर घट सकती है ब्याज दर (वर्तमान दर 9.5 फीसदी)



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