लाल किताब अनुसार माता दुर्गा, जानिए 10 रहस्य

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लाल किताब के अनुसार का दिन माता दुर्गा का दिन माना जाता है। पुराणों अनुसार का वाहन सिंह है और इनकी तुलना शक्ति से की गई है। जिस प्रकार भक्तों का दुख: हरने हेतु भगवती दुर्गा सिंह पर सवार होकर विचरण करती रहती हैं उसी प्रकार बुध भी अपने वाहन सिंह पर सवार होकर सृष्टि में विचरण करते रहते हैं। आओ जानते हैं कि लाल किताब और माता दुर्गा का क्या रहस्य है।

1. लाल किताब के अनुसार मां दुर्गा, हरे रंग का तोता, भेड़ और बकरी, सिर, जबान का मालिक बुध ग्रह है।

2. पहले मां पैदा हुई या बेटी? इसीलिए दोनों ही बुध है। मतलब आपको जन्म देने वाली माता और आपकी बेटी दोनों ही बुध है।

3. बेटी जब तक बेटी रहती है तब तक बुध है और जब वह स्वयं मां बन जाती है तो चंद्र हो जाती है। मतलब यह कि चंद्र और बुध ही मां बेटी हैं।

4. बुध को बहन भी माना गया है। मलतब है कि आपकी बहन भी बुध का प्रतीक है।
5. बुध के सभी तरह के कष्ट से बचने के लिए शक्ति की ही उपासना की जाती है। लाल किताब अनुसार दुर्गा की भक्ति करने से बुध ग्रह से उत्पन्न सभी तरह के दोष मिट जाते हैं। खराब बुध अच्छा फल देने लगता है।
खराब बुध से नौकरी और व्यापार में नुकसान होने लगता है।

6. रोज नग्न पैर दुर्गा के मंदिर जाएँ। दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तसती का पाठ करें। माता का मं‍त्र ॐ दुर्ग दुर्गाय नम: का जाप करें।

7. बहन, बेटी, बुआ, साली और कन्याओं को खुश रखें तथा उनसे आशीर्वाद लें। बेटी, बहन, बुआ और साली का अपमान ना करें।

8. बुधवार के दिन दुर्गा माता के मंदिर में जाएं और उन्हें हरे रंग की चूड़ियां चढ़ाएं या 9 कन्याओं को हरे रंग का रुमाल बांटें। अपने साथ हरा रुमाल जरूर रखें।

9. बुधवार को नाक छिनवाकर दूसरे दिन गुरु का दान करें और नाक में 43 दिन तक चांदी का तार डालकर रखें।
10. बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं। साबुत हरे मूंग का दान करें और सबसे जरूरी यह कि झूठ ना बोलें। बुधवार के दिन तुलसी का गिरा हुआ पत्ता धोकर खाना बहुत शुभ होता है।



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