अजब-गजब, बोल अनमोल
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- चाणक्य नीति
लेखनी मस्तिष्क की जिह्वा है
- मुंशी प्रेमचंद
अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है और मूर्ख काम करने के बाद।
- महात्मा गाँधी
ऋण एक अथाह सागर के समान है। ऋण लेने का अर्थ है, दुःख मोल लेना।
- जवाहरलाल नेहरू
खोया समय कभी प्राप्त नहीं होता। समय ही सबसे योग्य शिक्षक है।
- स्वामी विवेकानंद
साहस ही सफलता का राज है।
- सिसरो
अपना हाथ बढ़ाने का अर्थ है, अपने आपको विस्तार देना।
- मदर टेरेसा
- सपना धनोतिया
