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सिर ऊंचा कर जीते...
हम हैं भारत के बेटेनहीं वीरता में हैं कम।सिर ऊंचा कर जीते जग मेंकाम बड़े करते हैं हम।।सबकी आंखों के तारे हमसुंदर सपने बुनते हैं।हम हैं आशाएं भविष्य कीफूल खुशी के चुनते हैं।।हमसे ही है देश हमाराऔर देश से हम सब हैं।नाम देश का हो ऊंचाहम करते वैसे करतब हैं।।हर मुख पर मुस्कान दिखेहर आंगन सुख की धूप खिले।चाह यही है दुनियाभर मेंभारत को सम्मान मिले।।-
राजनारायण चौधरी