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Written By WD Feature Desk
Last Updated : गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 (12:07 IST)

9 अप्रैल, विश्व नवकार महामंत्र दिवस: जानें कल्याणकारी मंत्र और उसकी विशेष खासियतें

विश्व नवकार महामंत्र दिवस का फोटो
Today Navkar Mantra Day: आज 9 अप्रैल 2026 है और आज पूरा विश्व 'विश्व नवकार महामंत्र दिवस' मना रहा है। जैन धर्म में नवकार महामंत्र को सबसे शक्तिशाली और कल्याणकारी मंत्र माना गया है। यह मंत्र किसी एक व्यक्ति या भगवान के लिए नहीं, बल्कि उन गुणों और महान आत्माओं के प्रति समर्पित है जिन्होंने आत्म-ज्ञान प्राप्त किया है।
 
  • नवकार महामंत्र क्या है?
  • श्री नवकार महामंत्र
  • नवकार महामंत्र की 5 विशेष खासियतें
  • आज के दिन क्या करें?
 

यहां जानिए इस महामंत्र और इसकी विशेष खासियतों के बारे में:

 

नवकार महामंत्र क्या है?

 
नवकार महामंत्र जैन धर्म का मूल मंत्र है और इसे ‘आत्मा, ज्ञान और मोक्ष की ओर ले जाने वाला मंत्र’ कहा जाता है। यह मंत्र सभी जीवों के प्रति समान आदर, करुणा और अहिंसा की भावना जगाता है।
 

श्री नवकार महामंत्र: Shri Navkar Mahamantra

नमो अरिहंताणं (मैं अरिहंतों को नमस्कार करता हूं)
नमो सिद्धाणं (मैं सिद्धों को नमस्कार करता हूं)
नमो आयरियाणं (मैं आचार्यों को नमस्कार करता हूं)
नमो उवज्झायाणं (मैं उपाध्यायों को नमस्कार करता हूं)
नमो लोए सव्व साहूणं (मैं लोक के सभी साधुओं को नमस्कार करता हूं)
 
एसो पंच णमुक्कारो, सव्व पाप्पपणासणो।
मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं हवई मंगलं॥
 

नवकार महामंत्र की 5 विशेष खासियतें

 

व्यक्ति नहीं, गुणों की पूजा:

इस मंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी तीर्थंकर या देवी-देवता का नाम नहीं लिया गया है। यह मंत्र 'अरिहंत' से लेकर 'साधु' तक के पांच पदों यानी पंच परमेष्ठी और उनके गुणों को नमन करता है। यह सिखाता है कि व्यक्ति से बड़ा उसका 'गुण' और 'कर्म' होता है।
 

अनादि और सार्वभौमिक मंत्र:

जैन शास्त्रों के अनुसार, नवकार मंत्र 'अनादि' है, यानी यह हमेशा से अस्तित्व में रहा है। यह किसी विशेष पंथ के लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए है। इसे 'महामंत्र' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके जाप से मन की शुद्धि और आत्मिक शांति मिलती है।
 

पापों का नाश करने वाला:

मंत्र की अंतिम पंक्तियों में कहा गया है- 'सव्व पाप्पपणासणो'। इसका अर्थ है कि यह मंत्र सभी प्रकार के पापों का नाश करने वाला है। नियमित जाप से व्यक्ति के भीतर के क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे विकारों का शमन होता है।
 

प्रथम मंगलकारी मंत्र:

इसे संसार के सभी मंगलों में 'प्रथम मंगल' माना गया है। जैन अनुयायी अपने दिन की शुरुआत, किसी भी शुभ कार्य का प्रारंभ या संकट के समय इसी मंत्र का स्मरण करते हैं।
 

वैज्ञानिक और मानसिक प्रभाव:

वैज्ञानिक दृष्टि से भी, नवकार मंत्र के अक्षरों का उच्चारण मस्तिष्क में सकारात्मक कंपन (Vibrations) पैदा करता है। इसमें 35 अक्षर और 58 मात्राएं होती हैं, जिनका लयबद्ध जाप तनाव को कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होता है।
 

विश्व नवकार महामंत्र दिवस यानी आज के दिन क्या करें?

सामायिक और जाप: आज के दिन 108 बार (एक माला) नवकार मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी होता है।
 
क्षमापना: इस मंत्र के भाव को आत्मसात करते हुए सभी जीवों के प्रति दया और क्षमा का भाव रखें।
 
सादगी: आज के दिन सात्विक आहार लें और अपनी इंद्रियों पर संयम रखने का संकल्प करें।
 
'नवकार मंत्र' मात्र शब्दों का समूह नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है।
 
विशेष: आज 9 अप्रैल को पूरे विश्व में तथा भारतभर में नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया जाएगा, जिसे शांति, अहिंसा, आत्मकल्याण और विश्व मंगल का संदेश देने वाला पावन अवसर माना जा रहा है।
 
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