मोबाइल बैंकिंग करते हों तो रहें सावधान, 'इवेंटबॉट' वायरस का खतरा

पुनः संशोधित गुरुवार, 14 मई 2020 (20:54 IST)
नई दिल्ली। भारतीय कंप्यूटर प्रतिक्रिया आपदा दल (सीईआरटी-आईएन) ने ताजा परामर्श जारी कर बताया है कि व्यक्तिगत सूचनाएं चुराने वाले 'इवेंटबॉट' नामक मैलवेयर से भारत में एंड्रायड फोन का प्रयोग करने वाले प्रभावित हो सकते हैं।
ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यह ट्रोजन वायरस अवैध रूप से सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने वाली वेबसाइट के माध्यम से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, अडोब फ्लैश और अन्य वैध सॉफ्टवेयर का रूप धर कर फोन में घुस सकता है।

ट्रोजन एक प्रकार का वायरस या मैलवेयर होता है जो चुपके से कंप्यूटर या मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम पर हमला करता है और यूजर्स को पता भी नहीं चलता है।
सीईआरटी-आईएन की ओर से जारी एडवायजरी में कहा गया कि नामक एक नया एंड्रायड मोबाइल मैलवेयर फैल रहा है। यह मोबाइल बैंकिंग ट्रोजन है जो सूचनाएं चुराता है।
यह एंड्रायड फोन के वित्तीय ऐप से यूजर्स की जानकारी चुरा लेता है, एसएमएस संदेश पढ़ लेता है।सीईआरटीआईएन साइबर हमलों से मुकाबला करने वाली राष्ट्रीय तकनीकी एजेंसी है।
एडवायरजरी में कहा गया कि 'इवेंटबॉट' 200 वित्तीय ऐप को निशाना बना सकता है जिनमें बैंकिंग ऐप, पैसा भेजने वाली सेवाएं इत्यादि शामिल हैं।

सीईआरटीआईएन ने कहा कि यह वायरस पेपाल बिजनेस, रेवोलुत, बार्कलेज, युनिक्रेडिट, कैपिटल वन यूके, एचएसबीसी यूके, ट्रांसफरवाइज, कॉइनबेस, पेसेफकार्ड इत्यादि को निशाना बना सकता है।

एजेंसी ने कहा कि इवेंटबॉट अभी गूगल प्लेस्टोर पर नहीं आया है लेकिन यह किसी वास्तविक सॉफ्टवेयर का रूप धर कर मोबाइल फोन में घुस सकता है।
साइबर सुरक्षा एजेंसी ने वायरस से बचने के उपाय भी बताए हैं। एडवायजरी के अनुसार अज्ञात और अविश्वसनीय स्रोत से मोबाइल के ऐप डाउनलोड न करें, एंटी वायरस का प्रयोग करें और गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के पहले भी सॉफ्टवेयर की जानकारी अच्छी तरह पढ़ लें। (भाषा)


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