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Written By WD

इंटरनेट कनेक्शन लेने से पहले

फैसला हो सही..

इंटरनेट कनेक्शन
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देश में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं की संख्या में हुई अचानक वृद्धि से बहुत कुछ संभावना है कि आप भी किसी गलत कंपनी से इंटरनेट कनेक्शन ले बैठें और समय की तमाम बर्बादी के बाद भी इन सेवाओं का लाभ न उठा सकें। सही सेवा प्रदाता से कनेक्शन लेने से पहले जानें इन जरूरी बातों को।

आईएसपी क्या है?

आईएसपी का पूर्ण नाम है इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स अर्थात इंटरनेट सेवा प्रदाता। वस्तुतः यह वे कंपनी या सेवा प्रदाता हैं जो आपको वैश्विक इंटरनेट गेटवे से जोड़ते हैं। इसके बदले में ये सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं के बदले महीने अथवा निश्चित समयावधि के आधार पर पैसा लेते हैं।

वर्ल्ड वाइड वेब की सर्फिंग के लिए भारत में अभी भी सबसे प्रमुख तथा आसानी से उपलब्ध होने वाला साधन मॉडम ही है, जो टेलीफोन लाइन के जरिए आपको सर्विस प्रदाता के गेटवे से जोड़कर इंटरनेट पर मौजूद सूचनाओं को उपलब्ध कराता है।

क्या हो आईएसपी चुनने के आधार ?

किसी भी इंटरनेट सेवा प्रदाता से जुड़ने के पहले कई सारे तथ्यों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना पड़ता है। उनमें से कुछ तथ्य यहाँ दिए जा रहे हैं जिन पर आपको जरूर विचार करना चाहिए।

विश्वसनीयता : सेवा प्रदाता के खरे उतरने की सबसे पहली शर्त है उसकी सेवाओं की विश्वसनीयता। क्या सेवा प्रदाता द्वारा दी जाने वाली सेवा व्यस्ततम समय (पीक आवर्स) में भी उसी गति से चलने में सक्षम है। क्या वह एक ऐसी कंपनी है जिसका अपना नेटवर्क है? क्या वह कंपनी आपसे लंबी अवधि के संबंध बनाने की इच्छुक है?

वैकल्पिक ई-मेल सेवा : यों देखा जाए तो नेट पर हजारों ई-मेल सेवाएँ मुफ्त मौजूद हैं, लेकिन सेवा प्रदाता द्वारा अपने ग्राहकों को ई-मेल सेवाओं को उपलब्ध कराने का अलग ही महत्व है। ये सेवाएँ निश्चित रूप से अधिक सुरक्षित ओर निजी है। यही वजह है कि वीएसएनएल के आज भी किसी निजी ई-मेल सेवा प्रदाता से ज्यादा ही ग्राहक हैं।

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क्या आपका आईएसपी अन्य वेब सेवाएँ देता है?

आज प्रत्येक व्यक्ति का सायबर संसार से सरोकार बढ़ता जा रहा है। इस तरह की जरूरतों को देखते हुए यह जरूरी होता है कि आईएसपी आपको गेटवे एक्सेज के अलावा और कौन-कौन सी वेब सेवाएँ प्रदान करता है, ताकि एक मुश्त कीमत पर आपकी सभी सायबर जरूरतें पूरी हो सकें।

इन वेबसेवाओं में आपका अपना होमपेज बनाने के लिए सर्वर पर 'फ्री स्पेस', वेबपेज बनाने के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर अथवा न्यूनतम स्तर का प्रशिक्षण आदि शामिल हो सकता है।

तकनीकी सपोर्ट : किसी सेवा प्रदाता से सेवाएँ लेने के निर्णय से पहले यह देखना अच्छा रहेगा कि कनेक्शन होने के बाद सेवा प्रदाता कितना तकनीकी सपोर्ट उपलब्ध कराने का वादा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर सेवा प्रदाता तथा उपभोक्ताओं के बीच अक्सर विवाद होते हैं।

न्यूनतम स्पीड की गारण्टी : भारत में अपने निजी गेटवे स्थापित करने की अनुमति के बाद भी अधिकतर इंटरनेट सेवा प्रदाता अभी भी वीएसएनएल के गेटवे से ही 'स्पेस' लेकर अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। उनकी इन सीमाओं के चलते 'पीक आवर्स' में ग्राहकों को अक्सर वेबपेज की जगह 'शाकेट इरर' का सामना करना पड़ता है, जबकि वे टेलीफोन की बिलिंग का भुगतान तो कर ही रहे हैं।
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