IPL 2020 में दूसरी बार मना 'Super Sunday', पंजाब की तश्तरी से राजस्थान ने छीना 'जीत का निवाला'

यह लगातार दूसरा रविवार था, जब 2020 का सनसनीखेज रोमांच अपनी हदों को पार कर गया और सांस रोक देने वाले मुकाबले में 'क्रिकेट की जीत' हुई। टीवी पर मैच देख रहे दर्शकों ने लगातार दूसरी बार 'सुपर संडे' मनाया...वाह, अद्‍भुत, लाजवाब, हैरतअंगेज और अविस्मणीय क्रिकेट का नजारा में पेश हुआ, जब हारी हुई बाजी जीतकर राजस्थान 'मुकद्दर का सिकंदर' बना।

संयोग देखिए कि पिछले रविवार भी मैदान पर थी और इस बार भी यही टीम, तश्तरी में आई जीत का निवाला चखने से चूक गई। 20 सितम्बर के दिन दिल्ली कैपिटल्स ने 'सुपर ओवर' में पंजाब को हराया था और 27 सितम्बर को राजस्थान ने उसे 4 विकेट से शिकस्त दी।

उम्मीद के मुताबिक शारजाह के छोटे मैदान पर एक बार फिर रनों की बारिश हुई। 25 सितम्बर को शारजाह में ही दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हुए मैच में 33 छक्के उड़े थे, जबकि पंजाब और राजस्थान के बीच खेले गए मैच में 29 छक्के (18 राजस्थान, 11 पंजाब) लगे और 34 बार (20 पंजाब, 14 राजस्थान) गेंद सीमा रेखा के पार चौके के लिए गई। कुल 237 गेंदों का खेल हुआ और कुल रन बने 449 व विकेट गिरे सिर्फ 9।
Mayank Agarwal
पंजाब ने टॉस हारने के बाद 20 ओवर में 2 विकेट खोकर 223 रन बनाए जबकि राजस्थान ने 19.3 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 226 रन बनाते हुए लक्ष्य अर्जित किया। आईपीएल में यह रिकॉर्ड बन गया, जब किसी टीम ने इतने बड़े लक्ष्य को अर्जित किया हो। पंजाब ने जब रनों का पहाड़ खड़ा किया, तब भी राजस्थान के कप्तान के माथे पर बल नहीं आए क्योंकि वे जानते थे कि इस लक्ष्य को अर्जित किया जा सकता है।

लेकिन स्टीव को यह नहीं मालूम था कि यह मैच कई हिचकौले लेते हुए आगे बढ़ेगा और रोमांच की पराकाष्ठा को स्पर्श करेगा। स्टीव 50 रन की पारी खेलकर आउट हुए। उन्हें भरोसा था कि नाम का 'तुरुप का इक्का' उनके पास है, जिसने चेन्नई जैसी ताकतवर टीम के खिलाफ 32 गेंदों में 1 चौके व 9 छक्कों की मदद से 74 रनों की तूफानी पारी खेली थी।

इस मैच में भी संजू ने पूरा दमखम लगाया। 42 गेंदों पर 85 रन (4 चौके, 7 छक्के) बनाने वाले संजू मोहम्मद शमी के 17वें ओवर की पहली गेंद पर आउट हो गए। शमी की स्लो ओवर बाउंसर गेंद संजू के बल्ले के बजाय ग्लब्स से टकराई और ने आसान कैच लपकने में कोई चूक नहीं की। उनके आउट होने के समय राजस्थान का स्कोर 3 विकेट पर 161 रन हो गया, जबकि उसे जीत के लिए शेष 23 गेंदों में 63 रनों की दरकार थी।
Sanju Samson
File Photo : Sanju Samson
संजू सैमसन के आउट होने के वक्त लगा कि शमी ने यह 'मैच टर्निंग विकेट' हासिल किया है क्योंकि तब तक दूसरे छोर पर राहुल तेवतिया बेहद धीमें अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने 23 गेंदों में सिर्फ 17 रन ही बनाए थे। यहां से पूरी पंजाब की टीम जीत के जश्न की तैयारी में जुट गई थी क्योंकि वह जानती थी कि आने वाले बल्लेबाजों में ऐसा कोई सूरमा नहीं था, जो मैच को पलट सकता था।

18वें ओवर में जो कुछ भी मैदान पर राहुल तेवतिया ने किया, वह कल्पना से परे था। शेल्‍डन कॉटरेल की पहली 4 गेंदों पर राहुल ने गगनभेदी छक्के छक्के जड़ दिए। पांचवीं गेंद पर कोई रन नहीं निकला, जबकि छठी गेंद फिर छक्के के लिए उड़ गई। एक ओवर में बने 30 रन ने ही मैच का रुख बदल दिया।

31 गेंदों पर 7 छक्कों की मदद से राहुल ने 53 रनों की पारी खेली लेकिन वे 19वें ओवर की आखिर गेंद पर आउट हो गए। तब राजस्थान का स्कोर 222 रन था और वह जीत से केवल 2 रन दूर था। राहुल ने आउट होने से पहले आखिरी 8 गेंदों में 36 रन बनाने का ही नतीजा था कि वे मैच को राजस्थान की झोली में डाल चुके थे।
अंतिम ओवर की दूसरी गेंद पर मुरुगन अश्विन ने रियान पराग को आउट करके छठा झटका दिया। स्कोर था 222/6। आखिरकार तीसरी गेंद जोफ्रा आर्चर ने चौके के लिए भेजकर मैच का नाटकीय पटाक्षेप किया। इस तरह राजस्थान 3 गेंद शेष रहते रोमांचक जीत दर्ज करने में सफल रहा। पंजाब और राजस्थान के इस मैच ने एक बार फिर उस किंवदती को चरितार्थ किया कि क्रिकेट अनिश्चिंताओं का खेल है...

मैच में ये बने रिकॉर्ड : राजस्थान की टीम आईपीएल इतिहास की पहली टीम बन गई है जिसने इतना बड़ा लक्ष्य (223 रन) का हासिल किया। यह भी पहला प्रसंग है, जबकि एक मैच में 5 बल्लेबाजों ने 50 या उससे ज्यादा रन (मयंक अग्रवाल 106, संजू सैमसन 85, केएल राहुल 69, राहुल तेवतिया 53, स्टीव स्मिथ 50 बनाए।

सबसे बड़ी साझेदारी : आईपीएल में पहली बार सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बना। किंग्स इलेवन पंजाब की सलामी जोड़ी (केएल राहुल, मयंक अग्रवाल) ने पहले विकेट की साझेदारी में 183 रन जोड़े। किसी भी विकेट के लिए भारतीय जोड़ी द्वारा यह सबसे बड़ी साझेदारी का कीर्तिमान क्रिकेट पुस्तिका में दर्ज हो गया।

दूसरा सबसे तेज शतक : आईपीएल में यूसुफ पठान पहले भारतीय खिलाड़ी थे, जिन्होंने 37 गेंदों में सबसे तेज शतक जड़ा था जबकि मयंक अग्रवाल ने 45 गेंदों में अपना सैकड़ा पूरा कर लिया। वे 50 गेंदों में 10 चौकों और 7 छक्के की मदद से 106 रन बनाकर आउट हुए।



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