स्पेन में समुद्र के रास्ते घुसे हजारों मुस्लिम शरणार्थी : पुलिस और कोस्ट गार्ड हुए बेहाल, अब सेना ने संभाला मोर्चा!
Spain migrant crisis: भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) और अटलांटिक महासागर के रास्ते यूरोप में अवैध प्रवासन (Illegal Migration) संकट एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। उत्तर अफ्रीकी देशों और उप-सहारा (Sub-Saharan) क्षेत्र से लकड़ी और रबर की नावों में सवार होकर आए हजारों शरणार्थियों ने स्पेन के तटीय इलाकों में अप्रत्याशित रूप से प्रवेश किया है।
अचानक हुए इस भारी जनसांख्यिकीय दबाव के कारण स्थानीय पुलिस और स्पेनिश कोस्ट गार्ड (Salvamento Marítimo) की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और तटीय क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पैनिश सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और सशस्त्र बलों (Spanish Armed Forces) को मोर्चे पर तैनात कर दिया है।
कैसे पैदा हुए हालात?
स्पेन के स्वायत्त शहरों— सेउटा (Ceuta) और मेलिला (Melilla)—के साथ-साथ केनरी द्वीप समूह (Canary Islands) और अंदालुसिया (Andalusia) के तटों पर बीते कुछ दिनों से नावों के आने का सिलसिला जारी है।
- मानव तस्करी का नया रूट : तस्करों के नेटवर्क ने मोरक्को, अल्जीरिया और पश्चिमी अफ्रीका के तटों से समुद्र के रास्ते छोटे-छोटे जहाजों और रबर बोटों के जरिए हजारों प्रवासियों को समुद्र में उतारा।
- कोस्ट गार्ड की सीमाएं : समुद्र में क्षमता से अधिक भरे जहाजों से कई बार हादसों का खतरा बना रहता है। स्पैनिश कोस्ट गार्ड लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन्स चला रहे हैं, लेकिन एक साथ सैकड़ों नावों के पहुंचने के कारण उनके संसाधन कम पड़ गए हैं।
- स्थानीय बुनियादी ढांचे पर दबाव : तटीय क्षेत्रों में बने प्रोसेसिंग सेंटर (CIE - Centres for Internment of Foreigners) पूरी तरह भर चुके हैं। अस्पतालों और राहत शिविरों पर अत्यधिक दबाव देखा जा रहा है।
सेना की तैनाती और सरकार का रुख
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए स्पेनिश गृह और रक्षा मंत्रालय ने समन्वय बनाकर प्रभावित तटीय सीमाओं और सेउटा/मेलिला की जमीनी सीमा पर सेना की विशेष टुकड़ियों को तैनात किया है।
- सीमा सुरक्षा मजबूत करना : सेना और गार्डिया सिविल (Civil Guard) मिलकर सीमाओं पर बाड़ (Fencing) की निगरानी बढ़ा रहे हैं ताकि अवैध रूप से प्रवेश करने वालों को रोका जा सके।
- मानवीय सहायता और रसद : सशस्त्र बल प्रवासियों को प्राथमिक चिकित्सा, भोजन, अस्थायी टेंट और आपातकालीन राहत सामग्री पहुंचाने में भी नागरिक प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
- यूरोपीय संघ (EU) से मदद की गुहार : स्पेन ने यूरोपीय संघ (European Union) की सीमा एजेंसी Frontex से अतिरिक्त सुरक्षा बल और आपातकालीन वित्तीय सहायता की मांग की है।
भू-राजनीतिक और सामाजिक कारण
यूरोप में शरणार्थियों का यह संकट कोई नई घटना नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में इसके पीछे कई बड़े कारण उभरकर सामने आए हैं:
- अफ्रीका में राजनीतिक अस्थिरता व गरीबी : पश्चिम और उत्तर अफ्रीका के कई देशों में राजनीतिक उथल-पुथल, आर्थिक संकट और सुरक्षा संबंधी खतरों के कारण लोग बेहतर भविष्य की तलाश में यूरोप का रुख कर रहे हैं।
- यूरोपीय संघ की प्रवासन नीति (EU Migration Pact) : यूरोपीय संघ के देशों के बीच शरणार्थियों के पुनर्वास और सीमा नियंत्रण को लेकर खींचतान जारी है। इटली, ग्रीस और स्पेन जैसे अग्रिम सीमा वाले देश इस संकट का सबसे ज्यादा असर झेल रहे हैं।
आगे क्या होगा?
स्पेन सरकार एक ओर जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रवासियों के कागजात की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर मोरक्को और अन्य पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी है ताकि अवैध प्रवासन के नेटवर्क को शुरुआती बिंदु पर ही रोका जा सके। कानून और व्यवस्था बनाए रखना और इसके साथ ही मानवीय संवेदनाओं का संतुलन साधना वर्तमान में स्पेनिश प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।

