सम्बंधित जानकारी
- पाकिस्तान में Corona के मामले बढ़कर 38799 पहुंचे, 834 लोगों की मौत
- इमरान के फेसबुक से क्यों गायब हो गया था ब्लू टिक का निशान?
- Covid -19 : पाकिस्तान में संक्रमितों की संख्या 20,000 से पार, इमरान बोले- बेहतर रणनीति से देश कोरोना वायरस के डर से बाहर आ रहा है
- पाकिस्तान में Corona संक्रमितों की संख्या 19 हजार के पार, अब तक 440 मरीजों की मौत
- पाकिस्तान में Covid 19 के मामले 15,000 के पार, अब तक 327 लोगों की मौत
इमरान खान ने पाकिस्तान में ट्विटर और जूम क्यों बंद कर दिया था?
लोगों की आवाज दबाने के लिए पाकिस्तानी सरकार अब नए नए तरीके अपना रही है। हाल ही में मीडिया में एक खबर आई है कि वहां सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म को बंद कर दिया है।
दरअसल, पाकिस्तान में बलूचों पर अत्याचार कर रही इमरान खान की सरकार ने रविवार की रात को सोशल मीडिया वेबसाइट टि्वटर और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग वेबसाइट जूम को ब्लॉक कर दिया।
कहा जा रहा है कि बलूचों की हत्या को लेकर हो रहे एक सम्मेलन में लोगों को हिस्सा लेने से रोकने के लिए यह इमरान और पाकिस्तानी सेना ने यह कदम उठाया है।
बलूचिस्तान पोस्ट में आई एक खबर के मुताबिक ट्विटर, उसकी वीडियो स्ट्रिमिंग सर्विस पेरिस्कोप, वर्चुअल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग वेबसाइट जूम को पाकिस्तान में कई घंटों तक के लिए ब्लॉक कर दिया गया था। इंटरनेट पर निगरानी रखने वाली संस्था नेटब्लॉक डॉट ओआरजी के मुताबिक इन वेबसाइटों पर पाकिस्तान के कुछ तय इलाकों में ही रोक लगाई गई थी। नेटब्लॉक के मुताबिक पाकिस्तान में बहुत से ऐसे लोग थे जो इन वेबसाइटों को एक्सेस नहीं कर पा रहे थे।
हालांकि देर रात पाकिस्तान सरकार ने इन दोनों ही वेबसाइटों पर से ब्लॉक हटा लिया। बलूचों के ऊपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने के लिए ऐसा किया गया था।
दरअसल बलूच 'साथ वर्चुअल कॉन्फ्रेंस' कर रहे थे जिससे पीएम इमरान खान और पाकिस्तानी सेना डर गई और उन्होंने ये सेवाएं ब्लॉक कर दीं।
‘साथ’ फोरम की स्थापना अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी और स्तंभकार मोहम्मद ताकी ने की है। इस फोरम में नबी बख्श बलोच, गुल बुखारी, अहमद वकास गोराया, ताहा सिद्दीकी समेत कई चर्चित लोगों का संबोधन था।
दरअसल, पाकिस्तान में बलूचों पर अत्याचार कर रही इमरान खान की सरकार ने रविवार की रात को सोशल मीडिया वेबसाइट टि्वटर और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग वेबसाइट जूम को ब्लॉक कर दिया।
कहा जा रहा है कि बलूचों की हत्या को लेकर हो रहे एक सम्मेलन में लोगों को हिस्सा लेने से रोकने के लिए यह इमरान और पाकिस्तानी सेना ने यह कदम उठाया है।
हालांकि देर रात पाकिस्तान सरकार ने इन दोनों ही वेबसाइटों पर से ब्लॉक हटा लिया। बलूचों के ऊपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने के लिए ऐसा किया गया था।
दरअसल बलूच 'साथ वर्चुअल कॉन्फ्रेंस' कर रहे थे जिससे पीएम इमरान खान और पाकिस्तानी सेना डर गई और उन्होंने ये सेवाएं ब्लॉक कर दीं।
‘साथ’ फोरम की स्थापना अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी और स्तंभकार मोहम्मद ताकी ने की है। इस फोरम में नबी बख्श बलोच, गुल बुखारी, अहमद वकास गोराया, ताहा सिद्दीकी समेत कई चर्चित लोगों का संबोधन था।
