पाक सरकार ने नवाज शरीफ को भगोड़ा घोषित किया, प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन से संपर्क

Last Updated: रविवार, 23 अगस्त 2020 (23:04 IST)

लाहौर। पाकिस्तान (Pakistan News) सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री (Nawaz Sharif) को ‘भगोड़ा’ घोषित कर दिया है और उनके के लिए ब्रिटिश सरकार से संपर्क किया है। वह इलाज के लिए अभी लंदन में हैं। जवाबदेही एवं आंतरिक मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार शहजाद अकबर ने कहा कि मेडिकल आधार पर शरीफ की 4 हफ्तों की जमानत की अवधि पिछले साल दिसंबर में समाप्त हो गई।
अकबर के हवाले से डॉन न्यूज ने शनिवार को बताया, सरकार उन्हें (शरीफ को) एक भगोड़ा मान रही है और उनके प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटिश सरकार को एक अनुरोध भेजा जा चुका है। के एक मामले में शरीफ को एक जवाबदेही ने कैद की सजा सुनाई थी।

शरीफ ने पिछले हफ्ते लाहौर की एक अदालत को सूचना दी कि वह देश लौटने में असमर्थ हैं क्योंकि उनके चिकित्सकों ने उन्हें कोरोना वायरस महामारी के चलते वहां नहीं जाने को कहा है।
शरीफ ने अपने वकील के जरिए लाहौर उच्च न्यायालय को अपनी मेडिकल रिपोर्ट सौंपी और कहा कि चिकित्सकों ने उन्हें महामारी के चलते बाहर नहीं जाने की सलाह दी है क्योंकि उनके रक्त में प्लेटलेट कम है, वह मधुमेह, हृदय, किडनी और रक्तचाप से जुड़ी समस्याओं से ग्रसित हैं।
अकबर ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो से शरीफ के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कहेगी और वह शहबाज शरीफ की गारंटी की कानूनी वैधता पर भी गौर कर रही है, जो अपने बड़े भाई को उपचार के बाद अपने साथ पाकिस्तान लाने वाले हैं।

सोशल मीडिया पर एक नई तस्वीर साझा किए जाने के बाद उनकी यह टिप्पणी आई है। तस्वीर में यह दिख रहा है कि शरीफ लंदन की सड़कों पर अपने बेटे हसन नवाज के साथ एक छाता लिए टहल रहे हैं।
सलाहकार के हवाले से खबर में कहा गया है, लंदन की सड़कों पर घूमने की उनकी तस्वीरें न्यायपालिका के मुंह पर एक तमाचा है और सरकार इसकी अनुमति नहीं दे सकती। इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है। हम सिर्फ कानून लागू करने और इसकी जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं।

पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके शरीफ (70) इलाज के लिए लंदन में हैं। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में समस्या का पता चलने के बाद वह वहां गए थे। वह पिछले साल नवंबर में गए थे। लाहौर उच्च न्यायालय ने इलाज के लिए उन्हें चार हफ्ते के लिए विदेश जाने की इजाजत दी थी।

अकबर ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री ने प्रयोगशाला की फर्जी जांच रिपोर्ट सौंपी थी। उन्होंने बताया कि कानून मंत्रालय और ब्यूरो तथा जेल विभाग को उनकी जमानत की अवधि खत्म होने तथा इसमें विस्तार का अनुरोध खारिज होने से अवगत करा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि ब्रिटिश सरकार को भी इस घटनाक्रम से 2 मार्च को अवगत करा दिया गया, साथ ही उनके प्रत्यर्पण का अनुरोध भी किया गया। अखबार की खबर में कहा गया है कि अकबर ने शरीफ की हालिया तस्वीरों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अपने बेटों द्वारा साझा की गई तस्वीरों में बिल्कुल स्वस्थ्य नजर आ रहे हैं।
हालांकि, उनकी बेटी मरियम नवाज ने कहा था कि उनके पिता अत्यधिक जोखिम ग्रस्त रोगी हैं, इसलिए उनके हृदय का ऑपरेशन कोविड-19 के मद्देनजर टाल दिया गया था। सीडब्ल्यूसी की सोमवार सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक होनी है, जिसमें इसके सदस्यों के अलावा पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे।



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