दुनिया के 11 महान जादूगर, जानिए भारत के कितने....

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
पीसी सरकार (pc sorcar) : इनका जन्म 1913 में बंगाल में हुआ। 50-60 के दशक में अपने प्रसिद्ध शो ‘इन्द्रजाल’ के माध्यम से दुनिया भर के लोगों का दिल जीतने वाले बंगाल के जादूगर को सरकार कहते थे। बंगाल के जिस क्षेत्र में उनका जन्म हुआ था, अब वह बांग्लादेश में आता है। 6 जनवरी 1971 में जापान में एक शो करते समय 58 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से जादूगर पीसी सरकार का निधन हो गया था। उन्हें भारत सरकार ने वर्ष 1964 में पद्मश्री से पुरस्कृत किया।
 
इनका जादू का शो ‘इंद्रजाल’ काफी लोकप्रिय हुआ करता था। सरकार 1930 में चर्चा में आए, जब उन्होंने कोलकाता और जापान में शो करने आरंभ किए। लोगों ने उनका लड़की को हवा में लटका देने का जादू काफी ज्यादा पसंद किया। सरकार का 6 जनवरी 1971 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
 
पीसी सरकार भी अपने परिवार में जादूगरी का करतब दिखाने वाली सांतवी पीढ़ी के सदस्य थे। उनके कई नामचीन करतबों में उड़ने वाली कालीन का जादू शामिल था। पीसी सरकार भारत के सबसे नामी जादूगर थे। उनकी हवा में लड़कियों को उड़ाने वाली ट्रिक काफी मशहूर थी। 
 
पीसी सरकार जूनियर : इन दिनों पीसी सरकार के पुत्र ने उनकी कला को प्रचलित कर रखा है। भारत के मशहूर जादूगर पीसी सरकार जूनियर ने नब्बे के दशक में कलकत्ता के विक्टोरिया मेमोरियल को और एक चलती हुई ट्रेन को गायब कर दिया था, यहां तक कि वह तो सात अजूबों में से एक ताज महल को भी गायब कर के दिखा चुके हैं। 
 
पीसी सरकार जूनियर की पत्नी जयश्री कोरियोग्राफी में उनकी मदद करती हैं और उनकी तीन बेटियों- मेनका, मोउबानी और मुमताज ने भी उनसे जादू के कुछ गुर सीखे हैं। ओहियो विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री पा चुकी मेनका अपने पिता के साथ स्टेज पर प्रोग्राम पेश कर चुकी है जबकि बाकी दोनों का जुड़ाव थिएटर और नृत्य से है। जापानी और स्पैनिश भाषाओं में दक्ष सरकार इन दोनों ही देशों में शो करते रहते हैं और सेविला तो उनकी पसंदीदा जगह है जहां वह 49 से ज्यादा शो कर चुके हैं। सरकार के शो को दर्शक कितना पसंद करते हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर साल सरकार 400 शो करते हैं और इनमें से सारे के सारे हाउसफुल रहते हैं। 
 
सरकार पूछते हैं कि- क्या आपको पता है कि मेरे पिता आखिर इतने शाही अंदाज में क्यों कपड़े पहनते थे। और इसका जवाब भी खुद उन्हीं की तरफ से आता है, वह कहते हैं कि मेरे पिता जादू के शहंशाह रहे हैं इसी वजह से उनकी वेश भूषा भी कुछ इसी तरह की होती है। 
 
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