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इंदौर के मशहूर डांसिंग कॉप रंजीत सिंह को मिली सजा, हुआ डिमोशन, मुंबई की महिला से की थी चैटिंग

dancing cop Ranjit singh
इंदौर के मशहूर डांसिंग कॉप रंजीत सिंह को पुलिस विभाग ने सजा दी है। उनका डिमोशन हो गया है। उन्‍हें प्रधान आरक्षक के पद से हटाकर वापस आरक्षक बना दिया गया है। बता दें कि वे मुंबई की एक महिला के साथ चैट के आरोप में फंसे थे।

रंजीत सिंह को अश्लील चैटिंग के आरोपों के बाद विभागीय सजा दी गई है। जांच के बाद उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद से हटाकर वापस आरक्षक बना दिया गया है।

इंदौर सहित पूरे देश में अपनी विशेष कार्यशैली के लिए 'डांसिंग कॉप' के रूप में मशहूर ट्रैफिक पुलिसकर्मी रंजीत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के मामले में पुलिस विभाग ने उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद से हटाकर पुनः उनके मूल पद यानी आरक्षक पर डिमोट कर दिया गया है।

मुंबई की युवती ने लगाए थे आरोप : बता दें कि कुछ दिन पहले राधिका सिंह नाम की एक युवती ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। युवती का कहना था कि रंजीत ने उसे दोस्ती का ऑफर दिया इंदौर बुलाने की बात कही और फ्लाइट टिकट व होटल बुक कराने की बात कही थी। राधिका ने वीडियो में कहा कि इस तरह का व्यवहार उसे पसंद नहीं आया इसलिए उसने सोशल मीडिया पर वीडिया डालकर आपत्ति जताई थी।

विभागीय आदेश और आधिकारिक पुष्टि : एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि इंदौर में तैनात कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह को विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर उच्च पद का प्रभार छोड़ना पड़ा है। इस संबंध में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के कार्यालय से आधिकारिक जानकारी साझा की गई है। आदेश के मुताबिक रंजीत सिंह अब अपनी सेवाएं मूल पद आरक्षक के रूप में देंगे। विभाग ने यह कदम जांच में सामने आए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उठाया है।

आरोपों की जांच के बाद लिया फैसला : यह पूरा मामला मुंबई की एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा है। महिला ने रंजीत सिंह पर सोशल मीडिया के माध्यम से अश्लील चैटिंग करने और इंदौर बुलाकर मिलने का दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद विभाग ने उन्हें तुरंत फील्ड ड्यूटी से हटाकर लाइन अटैच कर दिया था। इसके पश्चात मुख्यालय डीसीपी को विस्तृत जांच सौंपी गई थी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह डिमोशन की कार्रवाई की गई है।

इंदौर पुलिस लाइन में थे पदस्थ : कार्यवाहक प्रधान आरक्षक क्रमांक 146 रंजीत सिंह वर्तमान में रक्षित केंद्र इंदौर में पदस्थ थे। विभागीय अनुशासनात्मक प्रक्रिया के आधार पर उनका प्रधान आरक्षक का कार्यवाहक प्रभार वापस लेते हुए उन्हें मूल पद पर भेज दिया गया है। इस संबंध में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के कार्यालय से मीडिया को जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
Edited By: Navin Rangiyal
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