काटना था टेप, काट दिया डेढ़ महीने के बच्चे का अंगुठा, इंदौर में अब नर्स की लापरवाही, MGM कॉलेज की कारस्तानी
इंदौर का आखिर ये क्या हाल हो गया। नगर निगम से लेकर अस्पतालों तक। जहां देखो वहां भयावह लापरवाही सामने आ रही है। हाल ही में नगर निगम अफसरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई और अब सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान एक नर्स ने मासूम बच्चे का अंगुठा ही काट दिया।
ये क्या हुआ इंदौर को : दरअसल, सुई बदलने के लिए नर्स ने बच्चे का हाथ पकड़ा और टेप काटने के लिए कैची चलाई, जो बच्चे के अंगूठे पर लगी और अंगूठा कटकर जमीन पर गिर गया। परिजनों ने देखा तो हडकंप मच गया। नर्स खुद भी चक्कर खाकर गिर गई। बता दें कि इंदौर में कभी बच्चों को चूहे कुतर देते हैं तो कभी नर्स अंगुठा काट देती है। कभी गंदा पानी ज़िंदगी लील लेता है। ये हैं प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था। ये है प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की हकीकत।
यह घटना किसी छोटे अस्पताल में नहीं बल्कि इंदौर के मेडिकल कॉलेज में हुई है। जी हां, सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज के दावों के बीच इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से मानवता को झकझोर कर देने वाला ये मामला सामने आया है।
क्या है मामला : दरअसल, न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती डेढ़ माह के मासूम बच्चे का इंट्राकैथ बदलते समय नर्स ने गंभीर लापरवाही बरती और बच्चे का अंगूठा ही काट दिया। बच्चे का अंगुठा कटकर नीचे गिर गया। घटना के बाद बच्चे को आनन-फानन में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया, जहां सर्जरी कर अंगूठे को जोड़ा गया।
इलाज में लापरवाही करती हैं नर्सें : परिजनों का आरोप है कि न्यू चेस्ट वार्ड में नर्सें अक्सर मोबाइल चलाती रहती हैं। जब इलाज से संबंधित बात की जाती है, तो कहा जाता है कि अभी रुक जाओ। उल्लेखनीय है कि बच्चा सामान्य डिलिवरी से एमटीएच अस्पताल में हुआ था। उसे घर ले जाया गया था, लेकिन निमोनिया के कारण 24 दिसंबर को फिर से भर्ती किया गया।
Edited By: Navin Rangiyal