* नमन हे जन्म-भूमि मेरी, तुझको मेरा नमन है। दुनिया से खूबसूरत, मेरा यही चमन है। सागर जिन्हें पखारें, तेरे युगल चरण हैं। जो भाल पर मुकुट है, हिमगिरि के वे शिखर हैं। माता के दूध जैसी, गंगा-जमना की धारा। आंचल तेरा फहरता, आसाम है...