वास्तु में दोषपूर्ण स्थिति
यदि भूखंड पश्चिमी दिशा से पूर्व दिशा की ओर विस्तृत हो तथा भूखंड पर भवन-निर्माण पूर्व दिशा में हुआ हो तथा पश्चिम दिशा और नैऋत्य कोण खुला एवं खाली हो तो यह स्थिति बहुत ही दोषपूर्ण होती है।इस तरह के भवन में वास करने से भूस्वामी पर नाना प्रकार की विपत्तियाँ आ जाती हैं। धन-सम्पत्ति का नाश होता है तथा भूस्वामी अस्वस्थ रहता है।