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सावन की पहली फुहार...
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प्रियंका पांडेय मुँदे से कोंपल-मन परजब पड़ी प्रेम की बूँद, पुलकित हुआ मनबनकर युवा पुष्प...छूने को नया आकाशउठाता सिर बार-बारजब ली इसने अंगड़ाईसावन की घटा छाई...
बरसी बन स्नेह अपारछटा में भर गया प्यार, पुष्प सा खिला मेरा मनभीग रहा बार-बार...ऐ मेघ...बरसा दे आजअपना प्रेम अपार पड़ने दे मुझपरइस बार सावन की प्रेममयी पहली फुहार...