1. लाइफ स्‍टाइल
  2. »
  3. साहित्य
  4. »
  5. काव्य-संसार
Written By WD

समंदर

समंदर जितेंद्र चौहान
- जितेंद्र चौहा
ND

समंदर
तुम कितने बड़े हो
हमारे लिए
और तुम
कितने छोटे हो
अपनी लहरों के लिए
लहरें बार-बार
तुम्हारे किनारों पर आती हैं
और खाली हाथ लौट जाती हैं
तुम लहरों से पूछकर बताना
वे क्या चाहती हैं
किनारों से।