तब मुझे करना याद
दीपाली पाटील
जब तुम आसमान के लिए भरों उड़ान और तेज आंधियाँ रोके तुम्हारी राहमैं प्रार्थना के रूप में रहूँगी साथसूरज की प्रखरता बढ़ाने लगे थकानमै छाया बनकर दूँगी साथजब आ जाए कोई अमावस भरी रातमै रोशनी बनकर रहूँगी साथऔर एक दिन जब छू लो तुमअपने पँखों से आसमानसितारों की चमक जब बस जाए तुम्हारी आँखों में तब पलके मूँदकर एक बारमुझे करना याद।