चिड़िया चुप हैं अभी
चम्पा वैद
दिनभर देखती हूँ
आकाश नीला है
पत्ते रंग बदल रहे हैं
जाड़ा जड़ता को जड़ करता
खामोशी से बिखरा है
चिड़िया चुप हैं अभी
घर में लोग सोए पड़े हैं
मैं कुछ पढ़ते
विचारों में उलझी हूँ।
साभार : अक्षर पर्व
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आकाश नीला है
पत्ते रंग बदल रहे हैं
जाड़ा जड़ता को जड़ करता
खामोशी से बिखरा है
चिड़िया चुप हैं अभी
घर में लोग सोए पड़े हैं
मैं कुछ पढ़ते
विचारों में उलझी हूँ।
साभार : अक्षर पर्व
