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Written By WD

चिड़िया चुप हैं अभी

चिड़िया
चम्पा वै
NDND
दिनभर देखती हूँ

आकाश नीला है

पत्ते रंग बदल रहे हैं

जाड़ा जड़ता को जड़ करता

खामोशी से बिखरा है

चिड़िया चुप हैं अभी

घर में लोग सोए पड़े हैं

मैं कुछ पढ़ते

विचारों में उलझी हूँ।

साभार : अक्षर पर्व
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WD