सिर पे घड़ा चिलचिलाती धूप तलाशे पानी। शीतल नीर अमृत-सी सिंचित मन की पीर। जल का कल यदि नहीं रक्षित सब निष्फल। उदास चूल्हे नागफनी का दंश सूखता पानी नदी में नाव बैलगाड़ी की चाप स्वप्न-सी बातें। सूखते पौधे गमलों में सिंचित पानी...