यह है ठहाकेदार जोक : पितृभाषा क्यों नहीं? हिन्दी हमारी मातृभाषा है, पितृभाषा क्यों नहीं? . . . क्योंकि माताजी ने पिताजी को कभी बोलने ही नहीं दिया। हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें