Friendship Day Essay : मित्रता दिवस पर निबंध

Friendship Day Essay 2020
Essay
फ्रेंडशिप डे यानी जिसे अगस्त महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है। इस दिन को दोस्ती को समर्पित करने के पीछे दरअसल एक कहानी है। कहते है कि एक बार अमेरिका की सरकार ने एक व्यक्ति को मार दिया था। इस व्यक्ति का एक दोस्त था, जिसने अपने दोस्त की मृत्यु के गम में आत्महत्या कर ली। उनकी दोस्ती की गहराई को सम्मान देते हुए 1935 से अमेरिका में इस दिन को दोस्तों के नाम कर दिया गया और इस तरह फ्रेंडशिप डे मनाने की शुरुआत हुई।
आज फ्रेंडशिप डे को पूरी दुनिया में उत्साह के साथ मनाया जाता है, क्योंकि ऐसा शायद ही कोई व्यक्ति हो जिसका कोई दोस्त न हो, जो दोस्ती की एहमियत न जानता हो। हम सभी की जिंदगी में कम या ज्यादा लेकिन दोस्त जरूर होते हैं, दोस्तों के साथ बिताया समय किसे नहीं अच्छा लगता। खासकर बचपन की दोस्ती तो बहुत गहरी होती है जिनकी यादें सदा के लिए मन में बस जाती है।

दोस्ती ही एक ऐसा रिश्ता है जिसे व्यक्ति खुद की मर्जी से चुनता है। बचपन में जाने अनजाने ही कई दोस्त बन जाते हैं, जिनमें से कुछ स्कूल, कॉलेज तक ही साथ निभाते हैं तो कुछ आगे तक आपकी लाइफ में बने रहकर अच्छे-बुरे वक्त में दोस्ती निभाते है। हालांकि ऐसे दोस्त कम ही होते है जो ताउम्र सच्ची दोस्ती निभाएं। इसलिए दोस्त बनाते हुए आपको सतर्कता बरती चाहिए।
दोस्त वे होते हैं जिनकी संगत आपके भविष्य को प्रभावित करती है। बुरी आदतों वाले दोस्तों की संगत आपको व आपके भविष्य को बिगाड़ने की क्षमता रखती है, वहीं अच्छी सोच व आदतों वाले दोस्त आपके व्यक्तित्व व जिंदगी को संवारने में सहायक होते है।

वैसे तो इन दिनों दोस्तों को कई श्रेणी बांट दिया गया है जैसे समान हॉबी वाले दोस्त, व्यावसायिक दोस्त, वर्कप्लेस दोस्त, मतलबी दोस्त आदि लेकिन जो सच्चे दोस्त होते हैं उनकी खूबी समान ही होती हैं, जैसा कि वे जिदंगी की हर परिस्थिति में हमेशा आपका साथ देते हैं और वे आपकी भलाई चाहते हैं।
तो, यदि आपके जीवन में भी कोई ऐसा सच्चा दोस्त हो, तो फ्रेंडशिप डे के खास मौके पर अपने दोस्त को स्पेशल महसूस कराना न भूलें। वैसे इस दिन को दोस्तों के साथ सेलेब्रेट किया जाता है। कई लोग दोस्तों के साथ सेलिब्रेट करने के विभिन्न प्लान इस दिन के लिए मनाते हैं। पूरा दिन न सही लेकिन इस दिन जितना संभव हो अपनी व्यस्त दिनचर्या में से कुछ पल अपने दोस्तों के लिए जरूर निकालें।

- नम्रता



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