इंटरनेट पर कैसी है हिन्दी की स्थिति?

Author स्मृति आदित्य|
डॉ. गणेश और उनकी पत्नी सुरेखा देवी 'भाषा' नामक गैर राजनीतिक ट्रस्ट संचालित करते हैं, जो गुजरात के जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से सक्रिय हैं। डॉ. गणेश का प्रबल दावा है कि इस देश से 'लोक' की जुबान काटने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है। 'भाषा' इसी के विरूद्ध एक अभियान है। > भारत की लुप्त होती भाषाओं पर व्यापक सर्वेक्षण, संवर्धन और संरक्षण तथा दस्तावेजीकरण करने का उन्होंने स्वैच्छा से बीड़ा उठाया है। इसी सर्वेक्षण के माध्यम से उनका कहना है कि हिन्दी आम धारणा को तोड़ती हुई तेजी से आगे बढ़ रही है। >
 
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वास्तविकता यह है कि इंटरनेट पर हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं के पाठकों की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है यह संभव है कि अंगरेजी की तुलना में उनका प्रतिशत कम हो लेकिन इससे हिन्दी के तेजी से बढ़ते पाठकों का महत्व कम नहीं हो जाता दूसरी बात यह तथ्य अपने आप में कमजोर है कि हिन्दी में अंगरेजी के मुकाबले सामग्री नहीं है।

यह हो सकता है कि हिन्दी की वेबसाइट्स अपनी स्तरीय सामग्री को अंगरेजी की तरह चमका कर पेश नहीं कर पा रही हो लेकिन हिन्दी के पक्ष में यह बात तो कतई स्वीकार्य नहीं है कि इंटरनेट पर हिन्दी में बेहतरीन सामग्री नहीं है।

यह आलेख एक लंबी बहस की आवश्यकता रखता है। आप सभी इस बहस में शामिल हैं। बताएं कि क्या सचमुच इंटरनेट पर अंगरेजी की तुलना में हिन्दी में अच्छी सामग्री नहीं है या आप भी डॉ. गणेश देवी से सहमत हैं कि हिन्दी चारों तरफ फल-फूल रही है, आंखें खोल कर देखिए-

हिन्दी के लिए इस लिंक को अवश्य पढ़ें 

 

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