बाइक चलाने से हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां...
भारत में लगभग सभी मर्द और युवा लड़के यहां तक की महिलाएं और लड़कियां भी स्टाइलिश बाइक या मोटरसाइकिल जरूर चलाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह शौक उनकी सेहत पर कितना गहरा असर पड़ रहा है।
प्रतिकात्मक चित्र
एक अध्ययन से पता चला है कि आजकल ज्यादातर लोग तेज आवाज करने वाली और ज्यादा धुआं छोड़ने वाली 'दमदार' बाइक खरीदते हैं। आजकल बाइक को मॉडिफाई करवा कर, साइलेंसर-मफलर हटवा कर तेज आवाज वाली बाइक का फैशन जमकर चल रहा है। ऐसी बाइकों से होने वाली आवाज निर्धारित की गई आवाज से बहुत ज्यादा होती है।
वैसे तो इंसानी कानों के लिए 80 डेसीबल तक की आवाज ही ठीक हैं। जबकि ऐसी बाइकें 125 डेसीबल या अधिक शोर करती हैं। परिणामस्वरूप बहुत तेज आवाज के करीब रहने से कान के अंदर के बालों के सेल को नुकसान पहुंचता है। इसके कारण सुनने की शक्ति भी कमजोर होने लगती है। अमूमन एक बाइक 1-2 घंटे तो चलती ही है यानी इतनी देर ऐसे शोर में रहना किसी भी व्यक्ति के लिए हानिकारक है।
ध्वनि प्रदूषण के कारण टिटिनेस भी हो जाता है। यह वो स्थिति होती है जब कानों में लगातार भिनभिनाने या कुछ गूंजने जैसी आवाज आती रहती है। जबकि असल में आस पास ऐसा कुछ हो भी नहीं रहा होता। लंबे वक्त तक ये परेशानी बनी रहे तो इंसान थकान और तनाव का शिकार हो जाता है लगातार ऐसे शोर में रहने से इंसान ऊंचा भी सुनने लगता है।
जैसे कभी किसी म्यूजिक कॉनसर्ट में जाने पर कुछ देर के लिए आपको ऊंचा ही सुनाई देता है लेकिन यह इतना खतरनाक नहीं होता और सही हो जाता है। लेकिन बाइक का शोर लंबे वक्त तक कानों में पड़ता है।
इसे समय रहते सही न किया जाए तो इंसान पूरी तरह बहरा भी हो सकता है। शोर के कारण सुन न पाने की समस्या और भी कई बीमारियों का कारण बनती है। जैसे नींद न आना, सिरदर्द, बिन वजह थकान, अचानक तेज-धीमी होती दिल की धड़कन।
डॉक्टर आगाह करते हैं कि तेज आवाज में रहने से शरीर में कॉर्टीसॉल, एडरेलिन और नोराएडरेलिन हार्मोन की लेवल बढ़ जाता है। इस वजह से उक्त रक्तचाप, दिल के दौरा और दिल के फेल होने की खतरा बहुत बढ़ जाता है। मोटरसाइकिल चलाने वाले मर्दों में तनाव के कारण टेस्टॉसटेरोन हार्मोन की लेवल भी गिरने लगता है। इससे उनकी यौन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है। इन सबकी वजह वो तेज आवाज ही होती है। इसलिए अब तेज आवाज की बाइक चलाने से पहले सेहत के बारे में सोच लेना चाहिए।
इसे समय रहते सही न किया जाए तो इंसान पूरी तरह बहरा भी हो सकता है। शोर के कारण सुन न पाने की समस्या और भी कई बीमारियों का कारण बनती है। जैसे नींद न आना, सिरदर्द, बिन वजह थकान, अचानक तेज-धीमी होती दिल की धड़कन।
डॉक्टर आगाह करते हैं कि तेज आवाज में रहने से शरीर में कॉर्टीसॉल, एडरेलिन और नोराएडरेलिन हार्मोन की लेवल बढ़ जाता है। इस वजह से उक्त रक्तचाप, दिल के दौरा और दिल के फेल होने की खतरा बहुत बढ़ जाता है। मोटरसाइकिल चलाने वाले मर्दों में तनाव के कारण टेस्टॉसटेरोन हार्मोन की लेवल भी गिरने लगता है। इससे उनकी यौन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है। इन सबकी वजह वो तेज आवाज ही होती है। इसलिए अब तेज आवाज की बाइक चलाने से पहले सेहत के बारे में सोच लेना चाहिए।
