सावधान, अगर आप भी शौकीन हैं ईयरफोन के...


अगर आपको भी ईयरफोन लगाकर गाने सुनने का शौक हो तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। ईयर फोन लगाना हमारे कानों के लिए खतरनाक हो सकता है। ईएनएटी विशेषज्ञों की मानें तो आपका कान बिना उपयोग की आवाजें पर्दे से टकराकर वापस भेज देता है, जबकि ईयर फोन लगाने से मल्टीपल फ्रिक्वैंसेस की टोन कान के पर्दे से टकराती हैं तो वे टकराने के बाद दोबारा वापस आ जाती है।


इसके कारण सारी आवाजें कान के अंदर घूमती रहती हैं, जो हमारी नसों को कमजोर हो जाती हैं। अगर आप लंबे समय से ईयर फोन का प्रयोग कर रहे हैं तो इससे काम की नसें थक जाती हैं। इसका पता नहीं चल पाता क्योंकि ये इलैक्ट्रिक इम्पल्स पर काम करती हैं और ज्यादा देर तक ईयर फोन का इस्तेमाल करने से नर्वफटीग का खतरा बढ़ जाता है।

नर्व फटीग के कारण हियरिंग एड की जरूरत शुरू हो जाती है। ईयर फोन इस्तेमाल करने वालों का नजदीक से सुनने की आदत पड़ जाने के कारण दूर की आवाज स्पष्ट सुनाई नहीं देती। ईयर फोन कानों पर लगाकर गाड़ी चलाने से इसका असर हमारे दिमाग पर पड़ता है। इससे हमारा दिमाग दूसरी तरफ ध्यान देने लगता है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।

खबरों के अनुसार हर रोज 4 से 5 युवा मरीज इस रोग से ग्रस्त आते हैं, जिनका एक ही कारण मोबाइल फोन के इस्तेमाल से हियरिंग लॉस होना होता है। ऑडियोमिट्री के जरिए ऊंचा सुनने की जांच में 25 से 30 प्रतिशत मरीज इस बीमारी से ग्रसित हैं। नसें डैमेज होने के कारण इसका उपचार संभव नहीं है।



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