इंदौर से जयपुर तक कब बंद होगा मिलावट का गोरखधंधा, विदेशों में स्वदेश को बदनाम कर रहे नकली मसाले
- देशभर में दूध, मावा, पनीर और मिठाइयों में मिलावट का बड़ा कारोबार
- जयपुर में जब्त हुआ 19 हजार किलो मिलावटी मसाला
- इंदौर में 17 प्रतिष्ठानों पर 13 लाख से ज्यादा का जुर्माना
- आखिर विदेशों में क्यों लग रही भारतीय मसालों पर रोक?
जयपुर में 19 हजार मिलावटी मसाला जब्त : राजस्थान के जयपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की ओर से मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान हाल ही में विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में मसाला फैक्ट्री पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई में 19 हजार किलो से ज्यादा मिलावटी मसालों का स्टॉक सीज किया गया है।
कैसे और कहां हो रही मिलावट : यहां हल्की क्वालिटी की मिर्च एवं धनिया के साथ डंठल भी पीसे जा रहे थे। हल्दी और मिर्च में रंग की मिलावट पाई गई। मौके से मसालों में मिलाए जाने वाले रंग भी बरामद किए गए और मसालों के नमूने लिए गए। फैक्ट्री में मिले मसालों में रंग मिला हुआ था। बता दें कि रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गुडगांव, हरियाणा, जयपुर और इंदौर समेत कई शहरों में नकली या मिलावटी मसाले तैयार किए जा रहे हैं।
इंदौर में नहीं थम रहा दूध पनीर में मिलावट का धंधा : मध्यप्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में खाद्ध सामग्री में मिलावट का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां दूध, दही, पनीर और मावे के साथ ही कई तरह की मिठाइयों में जमकर मिलावट की जा रही है। इंदौर में खाद्ध सामग्री में मिलावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में की गई कार्रवाई में इंदौर के 17 संस्थानों पर 13 लाख 70 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
इंदौर के इन प्रतिष्ठानों में मिलावट : इंदौर में जिन खाद्ध सामग्री बेचने वाली दुकानों पर कार्रवाई की गई, उनमें दूध डेयरी, मावा-पनीर की दुकानें, मिठाई भंडार और घी बनाकर बेचने वाली दूध डेयरी शामिल हैं।
क्या कहता है खाद्ध विभाग?
15 दिनों में 80 मसालों के नमूने लिए : खाद्ध सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने वेबदुनिया को बताया कि हम डेयरी उत्पादों पर तो लगातार कार्रवाई करते ही रहते हैं। हाल ही में कई प्रतिष्ठानों पर हमने 13 लाख 70 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जहां तक मसालों की बात है तो हमने पिछले 15 से 20 दिनों में मसालों के 80 नमूने लिए हैं। सेंपल भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया जो मसाले बाहर विदेशों में भेजे जाते हैं उनमें नमी न आने देने के साथ ही उनकी सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए मोटेतौर पर EtO (एथेलाइन ऑक्साइड) का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि अपने यहां भारत में जब मसालों की जांच की जाती है तो उनमें EtO (एथेलाइन ऑक्साइड) नहीं पाया जाता है।
भारत के मसालों में एथेलाइन ऑक्साइड
EtO मिलाने पर रोक: भारत ने निर्यात किए जाने वाले मसालों में EtO (एथेलाइन ऑक्साइड) को मिलाने पर रोक के लिए विस्तृत गाइडलाइंस (Guidelines) पेश की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा कि सरकार ने पेस्टिसाइड और केमिकल्स के इस्तेमाल पर रोकथाम के कुछ अन्य कदमों को लागू किया है, जैसे सिंगापुर (Singapore) और हॉन्गकॉन्ग को निर्यात किए जाने वाले मसालों की अनिवार्य टेस्टिंग।

