पापमोचिनी एकादशी के दिन ये 10 गलतियां हरगिज न करें, 5 शुभ काम जरूर करें

ekadashi 2022
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आज पापमोचिनी एकादशी (papmochani 2022) है। शास्त्रों के अनुसार हमें इस दिन कई कार्य करने की मनाही बताई गई है। आइए यहां जानते हैं कि एकादशी के दिन कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए तथा कौन-से कार्य किए जा सकते हैं...Ekadashi Par Kya Kare Kya Na Kare

1. एकादशी के दिन गंध युक्त चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह काम भाव बढ़ाने तथा शरीर और मन की अशुद्धता को बढ़ाता है। अत: इस दिन लहसुन तथा प्याज का सेवन कभी भी नहीं करना चाहिए।

2. इस दिन लहसुन, प्याज की तरह ही मसूर की दाल, गाजर, शलजम, गोभी, पालक आदि चीजों के सेवन से परहेज करें।

3. मान्यतानुसार एकादशी तथा द्वादशी त‌िथ‌ि के द‌िन बैंगन खाना अशुभ फलदायी माना जाता है, अत: इस दिन बैंगन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

4. इस दिन बाल और नाखून नहीं काटें।

5. एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए, क्योंकि चावल का संबंध जल से तथा जल का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। चंद्रमा ही मनुष्य मन का तथा सफेद रंग के स्वामी माने जाते हैं, अत: जलतत्व राशि के कारण अक्सर धोखा खाना पड़ता है।

6. एकादशी के दिन वृक्ष से पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए, अत: स्वयं गिरा हुआ पत्ता ही उपयोग में लाना चाहिएस

7. शास्त्रों के अनुसार एकादशी के द‌िन मांस-मद‌‌िरा का सेवन करने से नरक जाना पडता है। अत: इस चीजों दूर रहना चाहिए।

8. इसी तरह एकादशी के दिन सेम का सेवन नहीं करना चाहिए, यह संतान के लिए हानिकारक माना गया है।

9. इस दिन जौ का सेवन नहीं करें, मान्यतानुसार 'जौ' को महर्ष‌ि मेधा के शरीर से उत्पन्न होना माना जाता है। अत: एकादशी पर जौ का सेवन वर्जित है।
10. एकादशी के दिन प्रात: दातुन न करें, नीबू, जामुन या आम के पत्ते चबा कर अंगुली से कंठ साफ करने की मान्यता है, यदि यह संभव न हो तो पानी से बारह बार कुल्ले करना चाहिए।

एकादशी के दिन ये 5 कार्य अवश्‍य करें-

1. एकादशी के दिन क्रोध का त्याग करें तथा मधुर वचन बोलें।

2. इस दिन कम से कम बोलने का प्रयास करें, अधिक न बोलें, ताकि इस दिन अपशब्दों के प्रयोग से बचा जा सकें।
3. इस दिन पापों के क्षय की कामना से व्रत रखें तथा किसी का बुरा ना करें और ना ही बुरे विचार मन में लाएं।

4. एकादशी के दिन उपवास के पश्चात द्वादशी तिथि पर पारण से पूर्व ब्राह्मणों को मिठाई, दक्षिणा तथा गरीबों को खाद्य सामग्री देने के पश्चात ही खुद पारणा करें। सामर्थ्यनुसार वस्त्र और रुपया-पैसे का दान अवश्य करना चाहिए।

5. एकादशी तिथि पर पीपल में मीठा जल चढ़ाने तथा शाम के समय पीपल की जड़ में घी का दीया लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है।





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