बैंकों से नकदी निकासी सीमा की होगी समीक्षा
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंक खातों से पैसे निकालने की सीमा की 30 दिसंबर के बाद समीक्षा की जाएगी। पुराने 500 और 1000 के नोटों को खातों में जमा करने का यह आखिरी दिन है।
सरकार ने बैंक खातों से निकासी की सीमा 24,000 रुपए प्रति सप्ताह तय की है। एटीएम से प्रतिदिन 2,500 रुपए निकाले जा सकते हैं। वित्त सचिव अशोक लवासा ने आज यहां फिक्की के कार्यक्रम में कहा कि 30 दिसंबर के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। स्थिति को सामान्य करने को जिन कदमों की जरूरत होगी, वे उठाए जाएंगे। मेरा मानना है कि समीक्षा पूरी होने के बाद इस पर फैसला किया गया।
नोटबंदी के वृद्धि पर असर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्वीकार किया कि नकदी में काम करने वाला अनौपचारिक क्षेत्र समस्या का सामना कर रहा है। लवासा ने कहा कि आगे चलकर 30 दिसंबर की अवधि बीतने के बाद इसके प्रभाव का शांत तरीके से आकलन किया जाएगा। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर के अनुमान को 7.6 से घटाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है।
अहीर ने कहा कि यह अच्छा अवसर है कि देश में डिजिटल व्यवहार प्रारंभ हो जाये। उन्होंने कहा, ‘‘कभी किसी नहीं नहीं सोचा था कि दूर दराज के गांव की एक महिला भी एटीएम में पैसा निकालने जायेगी। यह एक तरह की क्रांति है जिसका आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
कश्मीर में जुलाई में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गये आतंकी बुरहान वानी के रिश्तेदारों को राज्य सरकार द्वारा सहायता राशि दिये जाने के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘केन्द्र सरकार ने इस मामले पर आपत्ति दर्ज करायी है और हम इस मामले को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इस मामले में जम्मू कश्मीर सरकार के साथ संपर्क में है और इस पूरे मामले पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों के मनोबल को गिराने का कोई काम नहीं किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद को पूरी ताकत से काबू कर उसका समूल नाश करना हमारा ध्येय है। इससे पूर्व कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी कहा था कि केन्द्र सरकार के नोटबंदी के फैसले से राज्य में नक्सलवाद की कमर ही टूट गयी है। (भाषा)