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सराफा बाजार में क्यों पहुंच रहा है पुराना सोना..?
कोरोनावायरस (Coronavirus) काल के बाद जैसे ही बाजार खुले तो लोगों को उम्मीद थी कि उनके दिन बदलेंगे और बड़ी संख्या में लोग खरीदी करने बाजार में आएंगे। मोबाइल, कपड़े आदि कई दुकानों पर ग्राहक सामान खरीदने पहुंचे। बहरहाल हम बात कर रहे हैं एक ऐसे बाजार की जहां ग्राहक सामान खरीदने नहीं बल्कि पुराना सामान लेकर पहुंच रहे हैं।
ऐसा ही कुछ नजारा देश के ज्यादातर सराफा बाजारों में दिखाई दे रहा है। शादियों का सीजन चल रहा है और बाजार अभी कुछ ही दिन पहले खुले हैं। ऐसे में उम्मीद थी कि लोग सोने के गहने खरीदने बाजार जरूर पहुंचेंगे। बड़ी संख्या में लोग सराफा पहुंचे भी, लेकिन उनका उद्देश्य सोना खरीदना नहीं बल्कि बेचना था।
सराफा व्यापारी अजय नीमा ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद बड़ी संख्या में सोना बेचने या गिरवी रखने बाजार आ रहे हैं। किसी को शादी-ब्याह के लिए पैसों की आवश्यकता है तो किसी को बिजली बिल या दुकान/मकान का किराया भरना है।
नीमा ने बताया कि इंदौर बाजार में आज सोना 49500 रुपए तोला और चांदी 71500 रुपए किलो है। ऐसा नहीं है कि लोग सिर्फ बेचने ही आ रहे हैं। कुछ लोग सोना खरीद भी रहे हैं, जबकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो पुराने सोने को नई डिजाइन के हिसाब से तैयार करवा रहे हैं। बहरहाल सोना खरीदने वालों की संख्या बेचने वालों की तुलना में काफी कम है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल जैसे ही लगनसरा का सीजन खत्म होगा बाजार फिर डाउन चला जाएगा। बारिश के चार माह काम कम रहता है। अब ग्राहकी त्योहारी सीजन में ही बढ़ने की उम्मीद है।
