आईआईटी कानपुर की पहल : 'सत्यान्वेषी' कोविड-19 से जुड़ी भ्रामक खबरों से दिलाएगा छुटकारा

अवनीश कुमार| Last Updated: मंगलवार, 19 मई 2020 (12:01 IST)
कानपुर। उत्तरप्रदेश के आईआईटी, कानपुर के कुछ शोधकर्ताओं ने कोविड-19 से जुड़ी सही जानकारी के लिए आम जनमानस के लिए 'सत्यान्वेषी' को तैयार किया है जिसमें कोविड-19 से जुड़ी सही जानकारी आम जनमानस तक पहुंचेगी और कोविड-19 को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही असत्य खबरों पर रोक लगेगी।
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आईआईटी, कानपुर से 'सत्यान्वेषी' के बारे में मिली जानकारी के अनुसार महामारी कोविड-19 के साथ-साथ हम एक इन्फोडेमिक से भी संक्रमित हो गए हैं, जो हर दिन हमें नकली समाचारों के साथ बमबारी के बराबर तकलीफ दे रहा है। आपकी सहायता करने के लिए आईआईटी, कानपुर आपके बीच लेकर आ रहे हैं सत्य जांच के लिए आपका एआई सहायक 'सत्यान्वेषी' (संस्कृत में सत्य का खोजी)।
आपकी संपर्क सूची में एक और संपर्क है। जब आप किसी संदेश में टाइप करते हैं या उस संपर्क की चैट विंडो पर सवाल करते हैं, तो यह कुछ अच्छी तरह से खोजे गए उत्तरों के साथ प्रतिक्रिया करता है। उदाहरण के लिए यदि आप निश्चिंत नहीं हैं कि लहसुन कोविड-19 को ठीक करता है या नहीं तो आप बस चैट विंडो में टाइप कर सकते हैं और 'सत्यान्वेषी' आपको बताएगा कि यह वास्तव में कई फर्जी समाचार पर्दाफाश साइटों के अनुसार नकली जानकारी वाली एक खबर है।
फर्जी खबरों का पता लगाएं : जिनका तथ्य जांचकर्ताओं ने पहले ही पर्दाफाश कर दिया है। जब आप किसी सवाल में लिखते हैं तो 'सत्यान्वेषी' कई तथ्य-जांच वेबसाइटों की जांच करता है। यह उनकी रेटिंग और यूआरएल के साथ परिणाम दिखाता है ताकि आप उक्त समाचार/ संदेश के बारे में आश्वस्त हो सकें, जो आप पढ़ रहे हैं। यूआरएल आपको समाचार पर अधिक जानकारी प्राप्त करने में मदद करते हैं। यह कोविड-19 के संबंध में सामान्य जानकारी भी देता है।
'सत्यान्वेषी' केवल फर्जी समाचार जांच तक सीमित नहीं हैं। अन्य तथ्यों की जांच करने वाले बॉट के विपरीत यह प्रमुख ज्ञान स्रोतों, जैसे WHO, CDC या राष्ट्रीय स्वास्थ्य वेबसाइटों से कोविड-19 के संबंध में सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यह इस महामारी पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में भी सक्षम है। आप स्वास्थ्य संबंधी कोई भी प्रश्न पूछ सकते हैं और 'सत्यान्वेषी' मानक ज्ञान-आधारों से उत्तर प्राप्त करने का प्रयास करेगा।
ज्ञान-आधार को लगातार विश्वसनीय ज्ञान स्रोतों (डब्ल्यूएचओ, सीडीसी आदि) के साथ अद्यतन किया जाता है। हम उपयोगकर्ता के सवालों को समझने और उचित और विस्तृत उत्तर प्रदान करने के लिए मशीन लर्निंग एल्गोरिदम पर काम करते हैं। प्रासंगिक समाचार लेख खोजने की क्षमता यदि क्वेरी न तो कोई तथ्य-जांच क्वेरी है और न ही सामान्य जानकारी क्वेरी है तो 'सत्यान्वेषी' उपयोगकर्ता को गूगल खोज द्वारा प्रदान समाचार आउटलेट्स या प्रतिक्रियाओं के लिंक प्रदान करता है।
यह उपयोगकर्ता को संदेश को देखने और जांचने और समाचार लेखों को खोजने से बचाता है। विशेष रूप से जो एक महामारी के समय में सच्ची जानकारी प्राप्त करना और उसका प्रसार करना चाहते हैं, वे लाभान्वित होंगे। यह समाधान पत्रकारों, ब्लॉगर्स और सोशल मीडिया प्रभावितों के लिए मददगार होगा, जो एक लेख लिखने से पहले सच्चाई की जांच कर सकते हैं।

वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाएं : इस समाधान का एक बीटा संस्करण सार्वजनिक उपयोग के लिए पहले से ही उपलब्ध है। इस संस्करण में सभी आवश्यक विशेषताएं हैं, जो कुछ समाधानों के साथ अंतिम समाधान होगा। हम इस समाधान को बहुभाषी प्रारूप में जारी करने की योजना बना रहे हैं ताकि लोग अन्य भाषाओं में भी तथ्यों की जांच कर सकें। इस समाधान के बाद के संस्करण में सच-जांच करने के लिए छवियां और वीडियो होंगे।
क्या बोले आईआईटी प्रोफेसर : प्रो. स्वप्रभ नाथ (सीएसई विभाग, आईआईटी, कानपुर) ने बताया कि इस समय सोशल मीडिया पर कोविड-19 को लेकर भ्रामक खबरों की बाढ़-सी आ गई है और सही जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच रही है। इसको देखते हुए आईआईटी, कानपुर के शोधकर्ताओं ने एक इंडस्ट्री पार्टनर के साथ मिलकर 'सत्यान्वेषी' को बनाया है जिसमें जाकर आपको कोविड-19 से जुड़ी सही जानकारी प्राप्त हो सकेगी और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों की भी पुष्टि हो सकेगी।
'सत्यान्वेषी' MyGov कोरोना हेल्पडेस्क या WHO कोरोना वायरस सूचना चैटबोट से कैसे अलग है? : 'सत्यान्वेषी' नंबर आधारित सूचना पुनर्प्राप्ति प्रणाली नहीं है। यह उपयोगकर्ता द्वारा दर्ज की गई क्वेरी को पढ़ता है,क्वेरी के इरादे और संदर्भ को समझता है, सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया की खोज करता है। उदाहरण के लिए यदि यह एक संदेश है, जो संदेहास्पद है तो इसके लिए एक तथ्य-जांच करता है। अगर यह एक सवाल है तो कोरोना वायरस इसके बारे में ज्ञान प्राप्त करता है या यदि यह हालिया समाचार का एक टुकड़ा है तो उन आउटलेट्स को ढूंढता है, जहां यह दिखाई दिया और इसे उपयोगकर्ता को प्रदर्शित करता है।
इस तरह यह अन्य फैक्ट-चेकिंग चैटबॉट से भी अलग है, क्योंकि ऐसे फैक्ट-चेकर्स सामान्य जानकारी या समाचार लेख प्रदान नहीं करते हैं। 'सत्यान्वेषी' के पीछे का AI काफी बुद्धिमान है, जो सवाल को 'समझने' और उपयोगकर्ता को सच्चाई की तह तक पहुंचने में मदद करने के लिए है। इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 'सत्यान्वेषी' की वेबसाइट www.satyanweshi.net पर जाकर भी देख सकते हैं।

बीटा संस्करण में सीमाएं : बीटा संस्करण में एक क्वेरी वर्ण सीमा होती है इसलिए बड़े क्वेरी के एक छोटे हिस्से में प्रवेश करें। सर्वर प्रति सेकंड सीमित संख्या में प्रश्नों को हैंडल करता है। यदि यह पहले प्रयास पर प्रतिक्रिया नहीं देता है तो कुछ विराम के साथ फिर से प्रयास करें।

तैयार करने में कौन-कौन हैं शामिल? : आईआईटी, कानपुर के फैकल्टी और छात्रों ने इस समाधान को विकसित किया और वर्तमान में सैन डिएगो, कैलिफोर्निया में स्थित एक स्टार्टअप InfoPost के साथ काम कर रहे हैं।

टीम में शामिल फैकल्टी सदस्य : प्रो. स्वप्रभ नाथ (सीएसई विभाग, आईआईटी, कानपुर), प्रो. हामिम जाफर (सीएसई और बीएसबीई विभाग, आईआईटी, कानपुर)।
टीम में शामिल छात्र : आईआईटी, कानपुर के छात्र और छात्राओं में अंकुर गुप्ता (BT/EE), नित्या मुत्तेनेनी (BT/CSE), यश वरुण (BT/ME), प्रार्थना दास (BT/EE) तो वही इन्फो पोस्ट की तरफ से देव शर्मा, संस्थापक और सीईओ शामिल हैं।


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